Delhi: जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों की निगरानी का मामला पहुंचा हाई कोर्ट, प्राइवेसी और सुरक्षा पर छिड़ी बहस

Delhi: राजधानी के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वालों की निगरानी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। एक जनहित याचिका (PIL) में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों की वीडियो रिकॉर्डिंग और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (F

Delhi: राजधानी के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वालों की निगरानी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। एक जनहित याचिका (PIL) में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों की वीडियो रिकॉर्डिंग और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) का इस्तेमाल उनकी प्राइवेसी के अधिकार का उल्लंघन है। वहीं केंद्र सरकार ने इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है।

शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने इस मामले पर विस्तार से दलीलें सुनीं। याचिकाकर्ता आयशा घोष और उनकी वकील नंदिता राव ने कोर्ट को बताया कि बिना किसी ठोस नियम के इस तरह की निगरानी से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि 16 से 20 साल के युवाओं और छात्रों की निजी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, जो सुप्रीम कोर्ट के पुट्टास्वामी फैसले के खिलाफ है।

दूसरी तरफ, केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जगह पर प्राइवेसी की बात करना अजीब है और यह केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया काम है, न कि किसी की जासूसी। उन्होंने इस याचिका को ‘लक्जरी लिटिगेशन’ तक कह दिया।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस यहां AI वाले CCTV कैमरे, फेशियल रिकग्निशन, नंबर प्लेट पहचानने वाली तकनीक (ANPR), भीड़ की निगरानी और बॉडी-वर्न कैमरा का इस्तेमाल कर रही है। कुछ पुलिसकर्मी मेटा स्मार्ट ग्लास भी पहन रहे हैं और ‘इक्षणा’ नाम की मोबाइल सर्विलांस वैन का भी उपयोग हो रहा है।

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा है कि क्या प्रदर्शनों को संभालने के लिए कोई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) या लिखित गाइडलाइन मौजूद है। इससे पहले 23 जुलाई को कोर्ट ने पुलिस को कुछ डिजिटल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया था, क्योंकि छात्रों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई के आरोपों पर SIT जांच की मांग की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार, 27 जुलाई 2026 को होगी।