Delhi में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले NSIT छात्रों के परिवारों को मिलेगा ज्यादा मुआवजा, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2017 में हुए एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NSIT) के दो इंजीनियरिंग छात्रों के परिवारों के लिए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इन परिवारों को दिए जान
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2017 में हुए एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NSIT) के दो इंजीनियरिंग छात्रों के परिवारों के लिए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इन परिवारों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि बढ़ाने का आदेश दिया है। जस्टिस अनीश दयाल ने यह निर्णय 1 जुलाई, 2026 को दिया।
यह मामला फरवरी 2017 के एक हादसे से जुड़ा है जिसमें विनय खुराना और प्रभलीन कौर की मौत हो गई थी। विनय चौथे वर्ष के छात्र थे और प्रभलीन तीसरे वर्ष की छात्रा थीं। कोर्ट ने छात्रों की अच्छी पढ़ाई और उनके उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए मुआवजे की रकम बढ़ाई है।
| पीड़ित का नाम | पुराना मुआवजा | नया मुआवजा | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| विनय खुराना | 83.86 लाख रुपये | 1,07,71,800 रुपये | 23,85,800 रुपये |
| प्रभलीन कौर | 38.50 लाख रुपये | 84,32,600 रुपये | 45,82,600 रुपये |
कोर्ट ने यह भी साफ किया कि बढ़ी हुई राशि पर 6.75 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा, जबकि मूल मुआवजे पर 9 प्रतिशत का ब्याज पहले की तरह जारी रहेगा। इस मामले में ICICI Lombard General Insurance कंपनी ने मुआवजे की रकम कम करने की अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।
सुनवाई के दौरान कार चालक ने तर्क दिया था कि सूरज की रोशनी की वजह से गाड़ी का संतुलन बिगड़ा, लेकिन कोर्ट ने इस बात को अविश्वसनीय बताया। कोर्ट ने कहा कि न तो चालक और न ही कार मालिक ने लापरवाही के आरोपों को गलत साबित करने के लिए कोई गवाही दी। मृतक छात्रों के परिवारों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सुमीत वर्मा ने पैरवी की थी।