Delhi: मशहूर सिंगर Yo Yo Honey Singh अब कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें एक हलफनामा (affidavit) दाखिल करने का आदेश दिया है। यह मामला उनके एक पुराने गाने ‘Volume 1’ से जुड़ा है, जिसे
Delhi: मशहूर सिंगर Yo Yo Honey Singh अब कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें एक हलफनामा (affidavit) दाखिल करने का आदेश दिया है। यह मामला उनके एक पुराने गाने ‘Volume 1’ से जुड़ा है, जिसे लेकर हिंदू शक्ति दल ने याचिका दायर की थी। कोर्ट अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या यह गाना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में गाया गया था।
क्या है पूरा विवाद और कोर्ट ने क्या कहा?
हिंदू शक्ति दल ने आरोप लगाया था कि Honey Singh ने मार्च 2025 में इंदिरा गांधी स्टेडियम में करीब 50,000 लोगों के सामने विवादित गाना ‘Volume 1’ गाया था। जस्टिस पुरुषिंद्र कुमार कौरव ने इस गाने को महिलाओं के प्रति अश्लील और अपमानजनक बताया। कोर्ट ने कहा कि कला की आजादी के नाम पर ऐसी अभद्र भाषा की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने पहले ही केंद्र सरकार को इस गाने के सभी लिंक सोशल मीडिया से हटाने का निर्देश दिया था।
Honey Singh के वकीलों ने क्या दलील दी?
Honey Singh के सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव ने कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किल ने दिल्ली के किसी भी प्रोग्राम में यह गाना नहीं गाया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर ऐसा हुआ होता, तो उसका कोई ऑडियो या वीडियो क्लिप जरूर होता। वकीलों का यह भी कहना है कि इस गाने को Honey Singh ने न तो लिखा है और न ही बनाया है। सिंगर अब चाहते हैं कि इस गाने को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पूरी तरह हटाया जाए ताकि उनका नाम साफ हो सके।
आगे क्या होगा और अगली सुनवाई कब है?
कोर्ट ने अब Honey Singh को औपचारिक रूप से अपनी बात रखने के लिए हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इस मामले में रैपर Badshah का नाम भी शामिल है, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर इस गाने में सहयोग किया था। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 19 मई 2026 को होगी, जिसमें कोर्ट आगे का फैसला ले सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Honey Singh पर क्या आरोप लगे हैं?
उन पर आरोप है कि उन्होंने मार्च 2025 में इंदिरा गांधी स्टेडियम में ‘Volume 1’ नाम का एक अश्लील और महिलाओं के प्रति अपमानजनक गाना गाया था।
कोर्ट ने इस गाने के बारे में क्या टिप्पणी की?
जस्टिस पुरुषिंद्र कुमार कौरव ने गाने को बेहद अश्लील और महिलाओं के लिए अपमानजनक बताया और कहा कि यह अभिव्यक्ति की आजादी के दायरे में नहीं आता।