Delhi High Court में Telegram बैन पर सुनवाई आज, NEET-UG री-एग्जाम से पहले सरकार ने लगाया था प्रतिबंध
Delhi: नीट-यूजी (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा से पहले भारत में टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर लगाए गए अस्थाई प्रतिबंध को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होगी। केंद्र सरकार ने परीक्षा में धांधली रोकने और फर्जी खबरों
Delhi: नीट-यूजी (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा से पहले भारत में टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर लगाए गए अस्थाई प्रतिबंध को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होगी। केंद्र सरकार ने परीक्षा में धांधली रोकने और फर्जी खबरों पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाया था, जिसे अब कोर्ट में चुनौती दी गई है।
यह मामला जस्टिस तेजस कारिया की वेकेशन बेंच के सामने है। बुधवार को हुई शुरुआती सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा था। हालांकि, कोर्ट ने टेलीग्राम को फिलहाल कोई तुरंत राहत नहीं दी है और मामले की अगली सुनवाई गुरुवार दोपहर 2:30 बजे तय की गई है।
सरकार ने टेलीग्राम पर यह प्रतिबंध 22 जून 2026 तक लगाया है, ताकि 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम के दौरान कोई गड़बड़ी न हो। इसके साथ ही, ऐप के ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर को 30 जून 2026 तक बंद कर दिया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का कहना है कि कुछ लोग मैसेज एडिट करके पेपर लीक के झूठे सबूत बना रहे थे, जिससे छात्रों में डर और भ्रम फैल रहा था।
कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि संगठित गिरोह टेलीग्राम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, टेलीग्राम के वकील ध्रुव मेहता ने कहा कि कुछ लोगों की गलती की वजह से 15 करोड़ यूजर्स को परेशान करना गलत है और यह उनके बोलने की आजादी का हनन है। टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव ने भी इस बैन पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि इससे केवल आम यूजर्स को सजा मिल रही है, असली दोषियों को नहीं।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पहले हुई नीट परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिसके बाद सरकार को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लेना पड़ा। अब देखना यह होगा कि दिल्ली हाई कोर्ट इस प्रतिबंध पर क्या फैसला सुनाता है।