Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने 2015 के जेल वैन मर्डर केस के आरोपी नीरज सहरावत उर्फ नीरज बवाना को दो दिन की कस्टडी पैरोल दी है। कोर्ट ने यह फैसला उसकी गर्भवती पत्नी की गंभीर हालत को देखते हुए लिया है, जो फिलहाल अस्पताल में भर
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने 2015 के जेल वैन मर्डर केस के आरोपी नीरज सहरावत उर्फ नीरज बवाना को दो दिन की कस्टडी पैरोल दी है। कोर्ट ने यह फैसला उसकी गर्भवती पत्नी की गंभीर हालत को देखते हुए लिया है, जो फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क कैटेगरी में है।
नीरज बवाना को पैरोल क्यों मिली?
नीरज बवाना की पत्नी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। उनकी प्रेग्नेंसी काफी जोखिम भरी बताई गई है, जिसे देखते हुए कोर्ट ने उन्हें अपनी पत्नी से मिलने के लिए दो दिन की मोहलत दी है। इससे पहले भी कोर्ट ने उसकी पत्नी की सर्जरी के लिए उसे एक-एक दिन की पैरोल दी थी।
सुरक्षा को लेकर क्या हैं शर्तें?
नीरज बवाना को एक हाई-रिस्क कैदी माना जाता है, इसलिए कोर्ट ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। जेल सुपरिंटेंडेंट को जिम्मेदारी दी गई है कि वह पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। शर्त यह है कि वह अपनी पत्नी और संबंधित डॉक्टर के अलावा किसी और से बातचीत नहीं करेंगे।
क्या है नीरज बवाना का कानूनी मामला?
नीरज बवाना 2015 के जेल वैन किलिंग केस का आरोपी है और कई अन्य आपराधिक मामलों में भी नाम शामिल है। सरकारी वकील लखश खन्ना ने पहले उसकी जमानत का विरोध करते हुए उसे खतरनाक अपराधी बताया था। जनवरी 2025 में भी हाई कोर्ट ने उसकी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नीरज बवाना को कितने दिन की पैरोल मिली है?
दिल्ली हाई कोर्ट ने नीरज बवाना को उसकी गर्भवती पत्नी से मिलने के लिए 2 जून 2026 को दो दिन की कस्टडी पैरोल दी है।
पैरोल मिलने के बाद नीरज बवाना पर क्या पाबंदियां हैं?
उसे कड़ी सुरक्षा में रखा जाएगा और वह अस्पताल में अपनी पत्नी और डॉक्टर के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से बात नहीं कर सकेगा।