Delhi: दिल्ली की खेल विरासत माने जाने वाले दिल्ली रेस क्लब (DRC) को एक बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने क्लब को जबरन खाली कराने के सरकारी नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले से उन हजारों लोगों ने राहत की सांस ली
Delhi: दिल्ली की खेल विरासत माने जाने वाले दिल्ली रेस क्लब (DRC) को एक बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने क्लब को जबरन खाली कराने के सरकारी नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले से उन हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है जिनकी रोजी-रोटी इस क्लब से जुड़ी हुई है।
बेदखली का नोटिस क्यों जारी हुआ था
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) ने 12 मार्च 2026 को क्लब को 15 दिनों के भीतर जगह खाली करने का नोटिस दिया था। सरकार का कहना है कि क्लब की लीज 31 दिसंबर 1994 को खत्म हो गई थी और अब यह जमीन सार्वजनिक कामों और इलाके के विकास के लिए जरूरी है। L&DO ने क्लब पर अवैध कब्जे का आरोप भी लगाया था।
क्लब की दलीलें और हाईकोर्ट का फैसला
क्लब के सचिव कर्नल एस.के. बख्शी और उनके वकीलों ने अदालत में कहा कि वे नियमित रूप से किराया चुका रहे हैं और उनके पास 2038 तक वैध कब्जा है। कोर्ट ने 25 मार्च 2026 को सरकार को निर्देश दिया कि बेदखली के लिए कानून की सही प्रक्रिया का पालन करना होगा। 9 अप्रैल 2026 को सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि बिना कानूनी प्रक्रिया के किसी को हटाया नहीं जाएगा, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का निपटारा किया।
किन लोगों पर पड़ेगा असर
यह मामला सिर्फ जमीन का नहीं बल्कि हजारों लोगों की आजीविका का है। अगर क्लब खाली होता तो इसका असर इन चीजों पर पड़ता:
| प्रभावित क्षेत्र |
विवरण |
| रोजगार |
लगभग 5,000 लोगों की आजीविका |
| जानवर |
250 से ज्यादा रेस के घोड़े |
| इन्फ्रास्ट्रक्चर |
नए ट्रैक और अस्तबल बनाने में लगने वाला समय |
| इतिहास |
1926 से चली आ रही खेल विरासत |