Delhi में BSES को हाईकोर्ट से झटका, CAG ऑडिट रोकने की याचिका खारिज; अब होगा खातों का हिसाब
Delhi: राजधानी दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों BSES Rajdhani Power Limited (BRPL) और BSES Yamuna Power Limited (BYPL) को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने इन कंपनियों की उस याचिका को खारिज कर दिया
Delhi: राजधानी दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों BSES Rajdhani Power Limited (BRPL) और BSES Yamuna Power Limited (BYPL) को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने इन कंपनियों की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने CAG (भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक) द्वारा किए जाने वाले ऑडिट के नोटिस को चुनौती दी थी।
मामला यह है कि दिल्ली सरकार ने 6 जून 2026 को इन बिजली कंपनियों के खातों के CAG ऑडिट का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद कंपनियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन जस्टिस तेजस करिया ने सोमवार, 22 जून 2026 को फैसला सुनाते हुए कहा कि कंपनियों की चुनौती समय से पहले थी। कोर्ट ने साफ किया कि अभी केवल कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है और औपचारिक ऑडिट प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों के CAG ऑडिट पर कोई पूरी तरह से रोक नहीं है। यह ऑडिट तब हो सकता है जब सभी कानूनी प्रक्रियाओं और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स का पालन किया जाए। कोर्ट ने कहा कि ऑडिट शुरू होने से पहले BSES कंपनियों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा।
| मुख्य घटना | तारीख/विवरण |
|---|---|
| सुप्रीम कोर्ट का फैसला (RA judgment) | 6 अगस्त 2025 |
| APTEL का निर्देश | अप्रैल और मई 2026 |
| दिल्ली सरकार का ऑडिट नोटिस | 6 जून 2026 |
| हाईकोर्ट का फैसला | 22 जून 2026 |
दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस ऑडिट से उन गड़बड़ियों और मिलीभगत का खुलासा होगा, जो कथित तौर पर आम आदमी पार्टी सरकार और बिजली कंपनियों के बीच हुई थी। इस पूरी कानूनी लड़ाई में कंपनियों की तरफ से सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी और बडी रंगनाथन पेश हुए थे, जबकि दिल्ली सरकार का पक्ष एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने रखा।