Delhi Riots Case: अथर खान की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा बाहर आने पर गवाहों को खतरा

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने फरवरी 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की ‘बड़ी साजिश’ के मामले में आरोपी अथर खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने मंगलवार,

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने फरवरी 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की ‘बड़ी साजिश’ के मामले में आरोपी अथर खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि अगर अथर खान को जेल से रिहा किया गया, तो इससे मामले के गवाहों को खतरा हो सकता है।

अदालत ने कहा कि शुरुआती सबूतों और व्हाट्सएप चैट से यह साफ दिखता है कि अथर खान इस हिंसा की साजिश रचने वालों में से एक था। कोर्ट ने एक संरक्षित गवाह ‘प्लूटो’ के बयान का भी जिक्र किया, जिसने खान की भूमिका को उजागर किया। बेंच ने पाया कि जब अन्य लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात कर रहे थे, तब भी अथर खान हिंसा भड़काने और लोगों की जान लेने तक की कोशिश में लगा रहा।

दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने दलील दी कि अथर खान की भूमिका उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे आरोपियों के समान थी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आरोपी ने 100 से 150 लोगों को मारने तक का सुझाव दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि खान के बाहर आने पर उसके फरार होने या गवाहों को प्रभावित करने की पूरी संभावना है।

अथर खान को 2 जुलाई 2020 को गिरफ्तार किया गया था और मई 2020 में उसका मोबाइल फोन जब्त किया गया था। इस मामले में UAPA कानून की धारा 43D(5) लागू है, जिसमें जमानत मिलना काफी मुश्किल होता है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि गुलफिशा फातिमा और शादाब अहमद जैसे अन्य सह-आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन अथर खान ने अपनी पिछली जमानत याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दी थी।