Delhi High Court ने OpenAI को दी राहत, ANI की कॉपीराइट याचिका खारिज

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने समाचार एजेंसी ANI द्वारा दायर उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें OpenAI पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उसके

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने समाचार एजेंसी ANI द्वारा दायर उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें OpenAI पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उसके कामकाज पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

जज अमित बंसल ने अपने फैसले में कहा कि OpenAI ने अपने AI मॉडल (LLM) को ट्रेनिंग देने के लिए ANI की खबरों और लेखों का जो इस्तेमाल किया, वह पहली नजर में कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं लगता है। कोर्ट के मुताबिक, यह काम कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धारा 52(1)(a) के तहत ‘फेयर डीलिंग’ के दायरे में आता है। इसका मतलब है कि जानकारी के इस्तेमाल का यह तरीका कानूनन गलत नहीं माना गया है।

इस मामले की शुरुआत नवंबर 2024 में हुई थी जब ANI ने OpenAI के खिलाफ मुकदमा किया था। इससे पहले अक्टूबर 2024 में ANI ने OpenAI को अपने कंटेंट के इस्तेमाल के लिए एक लाइसेंस एग्रीमेंट का प्रस्ताव दिया था, लेकिन OpenAI ने उसे ठुकरा दिया था। बाद में OpenAI ने ANI के डोमेन को ब्लॉकलिस्ट कर दिया ताकि भविष्य में उसके कंटेंट का इस्तेमाल ट्रेनिंग के लिए न हो।

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर इस स्टेज पर OpenAI पर रोक लगाई जाती, तो इससे न केवल कंपनी को नुकसान होता, बल्कि आम जनता को भी परेशानी होती। जज ने यह भी पाया कि ChatGPT जो जवाब देता है, वे ANI के मूल लेखों की नकल नहीं हैं और न ही उनमें ANI के कंटेंट को ज्यों का त्यों दोहराया गया है।

इस कानूनी लड़ाई में फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP) और डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) जैसी संस्थाएं भी शामिल हुई थीं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और विशेषज्ञों की राय लेने के बाद यह फैसला सुनाया है।