Delhi के DANIPS और DANICS अधिकारियों के लिए ‘अप्रूव्ड सर्विस’ की तारीख तय, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) और सिविल सेवा (DANICS) के अधिकारियों के लिए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जब तक नए नियम नहीं बन जाते, तब तक अधिकार
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) और सिविल सेवा (DANICS) के अधिकारियों के लिए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जब तक नए नियम नहीं बन जाते, तब तक अधिकारियों की ‘अप्रूव्ड सर्विस’ (मान्यता प्राप्त सेवा) तय करने के लिए परीक्षा वाले साल के बाद आने वाली 1 जनवरी की तारीख को ही आधार माना जाएगा।
यह फैसला बुधवार, 1 जुलाई 2026 को जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने सुनाया। यह आदेश केंद्र सरकार की दो याचिकाओं पर आया है, जिनमें सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के पुराने आदेशों को चुनौती दी गई थी। ट्रिब्यूनल ने पहले DANIPS और DANICS के 2022 के संशोधित नियमों को रद्द कर दिया था और 1 जनवरी की तारीख लागू करने को कहा था।
दरअसल, केंद्र सरकार 2022 के उन संशोधनों से सहमत नहीं थी जिनमें ‘अप्रूव्ड सर्विस’ और प्रमोशन के लिए 1 जुलाई की तारीख तय की गई थी। पुराने नियमों के मुताबिक, सर्विस की गिनती 1 जुलाई से शुरू होती थी, लेकिन प्रमोशन की योग्यता के लिए 1 जनवरी की तारीख देखी जाती थी। इस अंतर की वजह से अधिकारियों के प्रमोशन में काफी देरी हो रही थी।
कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि 1 जनवरी की तारीख से अधिकारियों को अनुचित लाभ मिलेगा। कोर्ट ने साफ किया कि 1 जुलाई से गिनती करने पर इन अधिकारियों की सेवा अवधि AFHQCS जैसी अन्य सेवाओं के मुकाबले छह महीने कम हो जाती है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि यह पूरी प्रक्रिया अधिमानतः दो महीने के भीतर पूरी कर ली जाए ताकि भविष्य में अधिकारियों की पदोन्नति में कोई रुकावट न आए और उनकी करियर संभावनाओं पर बुरा असर न पड़े।