Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के बड़े नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत कई अन्य नेताओं को कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) का नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई जस्टिस स्वर्ण कांत
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के बड़े नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत कई अन्य नेताओं को कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) का नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां करने के मामले में हुई है। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर dudeja की बेंच ने मंगलवार को यह आदेश दिया।
क्यों जारी हुआ अवमानना नोटिस?
यह पूरा मामला दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस से जुड़ा है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने खुद संज्ञान लेते हुए 14 मई 2026 को इस मामले की शुरुआत की थी। कोर्ट ने पाया कि सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य प्रकाशनों के जरिए जज की छवि खराब करने की कोशिश की गई। कोर्ट ने साफ कहा कि न्यायिक आदेशों की आलोचना करना ठीक है, लेकिन संगठित अभियान चलाकर जज को पक्षपाती दिखाना गलत है। कोर्ट ने इसे संवैधानिक व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर हमला बताया।
किन नेताओं पर हुई कार्रवाई और अब क्या होगा?
नोटिस पाने वालों में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज और विनय मिश्रा शामिल हैं। कोर्ट ने इन सभी नेताओं को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को होगी। साथ ही, कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि विवादित सोशल मीडिया पोस्ट और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की कॉपियां सुरक्षित रखी जाएं। कोर्ट इस मामले में मदद के लिए एक ‘एमिकस क्यूरी’ (अदालत का मित्र) भी नियुक्त करेगा।
केस में अब तक क्या-क्या हुआ?
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 20 अप्रैल 2026 को केजरीवाल और अन्य की केस से हटने (Recusal) की अर्जी खारिज कर दी थी। उन्होंने कहा था कि राजनीतिज्ञों को न्यायपालिका के प्रति अविश्वास के बीज बोने की अनुमति नहीं दी जा सकती। वहीं, ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी 2026 को शराब नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य लोगों को बरी कर दिया था। अब जस्टिस शर्मा ने इस केस को दूसरी बेंच को ट्रांसफर कर दिया है, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस मनोज जैन करेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोर्ट ने AAP नेताओं को नोटिस क्यों भेजा?
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां करने और सोशल मीडिया पर उन्हें पक्षपाती दिखाने का प्रयास करने के कारण यह नोटिस भेजा गया है।
अगली सुनवाई कब होगी और नेताओं को कितना समय मिला है?
इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को होगी। कोर्ट ने सभी संबंधित नेताओं को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है।