Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गोपाल राय और पत्रकार सौरव दास को कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) के मामले में नोटिस जारी किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अन्य AAP नेताओं के साथ मिलकर हाई को
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गोपाल राय और पत्रकार सौरव दास को कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) के मामले में नोटिस जारी किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अन्य AAP नेताओं के साथ मिलकर हाई कोर्ट की मौजूदा जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक सोची-समझी साजिश के तहत कैंपेन चलाया। कोर्ट ने इस मामले में उनसे जवाब मांगा है।
क्या है पूरा मामला और क्यों जारी हुए नोटिस?
यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पहले ट्विटर) पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ लगाए गए गंभीर और बिना सबूत वाले आरोपों से जुड़ा है। आरोप है कि एक संगठित तरीके से जज की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए और उनके परिवार के सदस्यों के पेशेवर काम को लेकर विवादित बातें फैलाई गईं। जस्टिस शर्मा ने पहले ही कहा था कि उनके खिलाफ बहुत ही अपमानजनक सामग्री फैलाई जा रही है, जिससे न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुँचती है।
कोर्ट की अगली कार्रवाई और मुख्य बिंदु
जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर dudeja की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने आदेश दिया है कि गोपाल राय और सौरव दास अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि सबूत के तौर पर सोशल मीडिया पर मौजूद उस सभी कंटेंट को सुरक्षित रखा जाए जिसका जिक्र याचिका में किया गया है।
किन-किन लोगों पर गिरी है गाज?
इस मामले में केवल गोपाल राय और सौरव दास ही नहीं, बल्कि AAP के कई बड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं। अरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को भी पहले से ही इस मामले में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कोर्ट ने अब इन सभी मामलों को एक साथ जोड़ दिया है ताकि कार्यवाही आसान हो सके। इस कानूनी प्रक्रिया में मदद के लिए सीनियर एडवोकेट राजदीपा बेहुरा को ‘एमिकस क्यूरी’ (कोर्ट का दोस्त) नियुक्त किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गोपाल राय और सौरव दास को नोटिस क्यों मिला है?
उन पर आरोप है कि उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक समन्वित कैंपेन चलाया और उनके बारे में अपमानजनक सामग्री साझा की।
इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस संयुक्त अवमानना मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख तय की है।