Delhi: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर ‘Cockroach Janta Party’ (CJP) के अकाउंट को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मामला पहुंचा है। इस पार्टी के फाउंडर Abhijeet Dipke ने याचिका दायर कर अकाउंट
Delhi: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर ‘Cockroach Janta Party’ (CJP) के अकाउंट को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मामला पहुंचा है। इस पार्टी के फाउंडर Abhijeet Dipke ने याचिका दायर कर अकाउंट को फिर से शुरू करने की मांग की है। जस्टिस Purushaindra Kumar Kaurav इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं।
क्यों ब्लॉक हुआ Cockroach Janta Party का X अकाउंट?
केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Intelligence Bureau की रिपोर्ट के आधार पर 21 मई 2026 को इस अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया था। सरकार ने इसके पीछे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का हवाला दिया है। यह कार्रवाई IT एक्ट की धारा 69A के तहत की गई, जो सरकार को सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए कंटेंट रोकने का अधिकार देती है।
कोर्ट ने क्या कहा और अब आगे क्या होगा?
कोर्ट ने फिलहाल अकाउंट को तुरंत अनब्लॉक करने से मना कर दिया है, लेकिन केंद्र सरकार और X को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने IT नियमों के तहत बनी रिव्यू कमेटी को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की जांच करे और 7 जुलाई 2026 तक अपना फैसला सुनाए। जस्टिस कौरव ने कहा कि ब्लॉकिंग से जुड़े कानून अभी शुरुआती दौर में हैं और इस मामले का असर काफी व्यापक हो सकता है।
क्या है CJP की दलील और विरोध प्रदर्शन का मामला?
याचिकाकर्ता के वकील Akhil Sibal ने तर्क दिया कि यह अकाउंट सिर्फ व्यंग्य (satire) के लिए है और पूरे अकाउंट को ब्लॉक करने के बजाय सिर्फ आपत्तिजनक पोस्ट हटाए जाने चाहिए थे। वहीं, 6 जून 2026 को Abhijeet Dipke ने दिल्ली के जंतर मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया, जिसकी अनुमति दिल्ली पुलिस ने दी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Cockroach Janta Party (CJP) क्या है?
यह Abhijeet Dipke द्वारा 16 मई 2026 को शुरू किया गया एक व्यंग्यात्मक डिजिटल मूवमेंट है, जिसका उद्देश्य युवाओं की समस्याओं को उठाना और सरकार की जवाबदेही तय करना है।
कोर्ट में अगली सुनवाई कब है?
इस मामले की अगली सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में 6 जुलाई 2026 को होनी तय है, जबकि रिव्यू कमेटी को 7 जुलाई 2026 तक अपना फैसला देना है।