Delhi High Court ने बदला फैसला, अब महीने के पहले और तीसरे शनिवार को नहीं लगेगी अदालत
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए महीने के पहले और तीसरे शनिवार को कार्य दिवस बनाने के अपने पुराने आदेश को टाल दिया है। इसका मतलब है कि अब इन दो दिनों में अदालतें नहीं लगेंगी और वकीलों व मुवक्किलों को शनि
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए महीने के पहले और तीसरे शनिवार को कार्य दिवस बनाने के अपने पुराने आदेश को टाल दिया है। इसका मतलब है कि अब इन दो दिनों में अदालतें नहीं लगेंगी और वकीलों व मुवक्किलों को शनिवार को कोर्ट नहीं आना होगा। इस फैसले की पुष्टि शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के जरिए की गई है।
दरअसल, हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ ने 9 जुलाई 2026 को अपनी बैठक में इस निर्णय को स्थगित करने का संकल्प लिया था। इससे पहले 22 दिसंबर 2025 को यह तय किया गया था कि शनिवार को भी कोर्ट की कार्यवाही चलेगी, जिसके लिए 15 जनवरी 2026 को नोटिफिकेशन जारी हुआ था। अब मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय इस पूरे मामले की समीक्षा के लिए एक अलग समिति बनाएंगे जो इस पर दोबारा विचार करेगी।
इस फैसले के पीछे दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) का कड़ा विरोध था। वकीलों का कहना था कि शनिवार को काम होने से उनके शेड्यूल में काफी दिक्कतें आएंगी। उनका तर्क था कि उन्हें अलग-अलग ट्रिब्यूनल, आर्बिट्रेशन और दिल्ली के बाहर की अदालतों में पेश होना पड़ता है, जिससे शनिवार को काम करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल होगा। इस मुद्दे पर वकीलों ने 4 अप्रैल से कोर्ट की कार्यवाही का बहिष्कार भी किया था।
इसी बीच एक और अपडेट यह है कि दिल्ली की जिला अदालतों के आर्थिक क्षेत्राधिकार को 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव के खिलाफ भी DHCBA ने 14 से 16 जुलाई 2026 तक हड़ताल की थी। हालांकि, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ बैठक और मुख्य न्यायाधीश के आश्वासन के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी और 17 जुलाई 2026 से काम पर लौट आए हैं।