Delhi High Court का बड़ा फैसला, क्रिकेट की अवैध स्ट्रीमिंग करने वाली वेबसाइट्स होंगी ब्लॉक

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के पक्ष में एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उन सभी फर्जी वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया है जो अवैध तरीके से क्रिकेट मैचों और अन्य खेल आयोजनों की लाइव स्ट्री

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के पक्ष में एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उन सभी फर्जी वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया है जो अवैध तरीके से क्रिकेट मैचों और अन्य खेल आयोजनों की लाइव स्ट्रीमिंग कर रही थीं। यह आदेश उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो बिना अनुमति के दूसरों के कंटेंट को इंटरनेट पर चलाते हैं।

जस्टिस ज्योति सिंह ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पाइरेसी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। कोर्ट ने माना कि तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में किसी कंपनी के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह आदेश 1 जुलाई 2026 को जारी किया गया, क्योंकि भारत और इंग्लैंड के बीच महिला और पुरुष क्रिकेट टीमों के दौरे चल रहे थे और इनका सीधा प्रसारण सोनी के पास था।

अदालत ने इस मामले में ‘डायनेमिक इंजंक्शन’ का इस्तेमाल किया है। इसका मतलब यह है कि अगर भविष्य में ऐसी और नई वेबसाइट्स सामने आती हैं, तो सोनी उन्हें दोबारा कोर्ट आए बिना ही ब्लॉक करवा सकता है। कोर्ट ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs), दूरसंचार विभाग (DoT) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को निर्देश दिया है कि वे इन वेबसाइट्स तक पहुंच को तुरंत बंद करें।

जिन वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है उनमें मुख्य रूप से ये नाम शामिल हैं:

  • Cricfree.cyou
  • thegamesurf.com
  • topstream.pro
  • crichd.top
  • cracksports.me
  • mainstreams.io
  • qatarstreams.me
  • vipstand.cc

कोर्ट ने डोमेन नेम रजिस्ट्रार को यह भी कहा है कि वे चार हफ्ते के भीतर इन वेबसाइट्स को चलाने वालों की पूरी जानकारी, जैसे ईमेल और केवाईसी रिकॉर्ड, सीलबंद लिफाफे में जमा करें। इस केस में सोनी की तरफ से साईकृष्ण एंड एसोसिएट्स के वकीलों ने दलीलें पेश की थीं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त और 9 अक्टूबर 2026 को तय की गई है।