Delhi में स्कूलों के पास गुटखा-पान मसाला बेचने पर रोक, High Court ने बच्चों की सेहत को बताया सबसे जरूरी
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि स्कूलों के आसपास के इलाकों में स्ट्रीट वेंडर अब पान मसाला, गुटखा, सिगरेट और तंबाकू जैसे हानिकारक उत्पाद न
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि स्कूलों के आसपास के इलाकों में स्ट्रीट वेंडर अब पान मसाला, गुटखा, सिगरेट और तंबाकू जैसे हानिकारक उत्पाद नहीं बेच पाएंगे। यह आदेश 1 जुलाई 2026 को जारी किया गया, जिसका मकसद बच्चों को इन नशीली चीजों से दूर रखना है।
यह मामला सुरेश शाह नाम के एक वेंडर की याचिका से जुड़ा था, जिन्होंने निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के पास अपना काम जारी रखने की मांग की थी। इस दौरान जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। कोर्ट ने खास तौर पर माता सुशीला मल्होत्रा DAV प्राइमरी स्कूल के आसपास ऐसे सामान बेचने पर पाबंदी लगाई है।
अदालत ने MCD को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता वेंडर के लिए कोई दूसरी जगह तय करे। साथ ही, कोर्ट ने वेंडर्स के लिए कुछ कड़े नियम भी तय किए हैं। अब वेंडर्स को केवल अपनी तय जगह पर ही काम करना होगा और पैदल चलने वालों के रास्ते में रुकावट नहीं डालनी होगी। सफाई का खास ख्याल रखना होगा और दुकान के पास डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा।
हाईकोर्ट ने यह भी साफ किया कि वेंडर्स अपने वेंडिंग सर्टिफिकेट (CoV) का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकते। वे अपनी जगह किसी और को किराए पर नहीं दे पाएंगे और न ही वहां कोई पक्का या कच्चा निर्माण कर सकेंगे। MCD को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल जाने वाले बच्चों, उनके माता-पिता या टीचरों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। कोर्ट ने याद दिलाया कि दिल्ली में गुटखा और तंबाकू उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर अप्रैल 2023 में ही व्यापक प्रतिबंध लगाया जा चुका है।