Delhi हाईकोर्ट का सख्त निर्देश, ICU बेड ऐप और अस्पताल मैनेजमेंट सिस्टम का करना होगा लाइव डेमो

Delhi: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और बेड की उपलब्धता को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह ‘दिल्ली ICU बेड सारथी मोबाइल ऐप&#

Delhi: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और बेड की उपलब्धता को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह ‘दिल्ली ICU बेड सारथी मोबाइल ऐप’ और ‘नेक्स्टजेन ई-अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली’ (HMIS) का अदालत में लाइव प्रदर्शन करे। यह आदेश स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया गया है।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने 2 जुलाई 2026 को यह निर्देश जारी किए। कोर्ट चाहता है कि इन डिजिटल प्रणालियों की असल कार्यक्षमता जांची जाए ताकि मरीजों को सही समय पर इलाज मिल सके। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें सरकार को इन दोनों प्लेटफॉर्म्स का डेमो देना होगा।

जानकारी के मुताबिक, NextGen HMIS सिस्टम दिल्ली के 38 सरकारी अस्पतालों में लागू किया जा चुका है। इस सिस्टम में OPD, IPD, लैब और रेडियोलॉजी जैसे 14 अलग-अलग मॉड्यूल शामिल हैं, जिससे अस्पताल के कामकाज को डिजिटल तरीके से बेहतर बनाने की कोशिश की गई है। वहीं, ICU बेड सारथी ऐप का काम मरीजों को रियल टाइम में ICU बेड की जानकारी देना है, जिसे फिलहाल अपग्रेड किया जा रहा है।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिन 38 अस्पतालों में यह सिस्टम लागू है, वहां से कम से कम दो जिम्मेदार अधिकारी कोर्ट में मौजूद रहें। वे अधिकारियों को सिस्टम की कमियों और उनके कार्यान्वयन से जुड़े सवालों के जवाब देने होंगे।

इसके अलावा, कोर्ट ने दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान की हालत पर भी चिंता जताई। अदालत ने पाया कि संस्थान में ट्रेंड स्टाफ की कमी की वजह से कई महंगे मेडिकल उपकरण बिना इस्तेमाल के पड़े हैं, जिससे मरीजों के इलाज में देरी हो रही है। इस मामले में भी कोर्ट ने संस्थान के किसी वरिष्ठ अधिकारी को अगली सुनवाई पर पेश होने का आदेश दिया है।