Delhi: 43 साल बाद हत्या के आरोप से मिली मुक्ति, 21 की उम्र में फँसे मुकेश कुमार को 64 की उम्र में हाईकोर्ट ने किया बरी

Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने एक व्यक्ति की आधी जिंदगी कानूनी लड़ाइयों में गुजारने के बाद उसे राहत दी है। 1983 के एक हत्या मामले में आरोपी मुकेश कुमार को अदालत ने सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिय

Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने एक व्यक्ति की आधी जिंदगी कानूनी लड़ाइयों में गुजारने के बाद उसे राहत दी है। 1983 के एक हत्या मामले में आरोपी मुकेश कुमार को अदालत ने सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया। मुकेश कुमार ने इस केस से छुटकारा पाने के लिए पूरे 43 साल तक लंबी कानूनी जंग लड़ी।

यह पूरा मामला 1 दिसंबर 1983 का है, जब मुकेश कुमार की उम्र सिर्फ 21 साल थी और उन पर हत्या का आरोप लगा था। इसके बाद मामला सालों तक चलता रहा और अगस्त 2004 में निचली अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, मुकेश कुमार ने इस सजा के खिलाफ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया और आखिरकार 18 जून 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें निर्दोष पाते हुए बरी कर दिया।

जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की खंडपीठ ने पाया कि इस मामले में गवाहों के बयानों और पहचान परेड (TIP) की प्रक्रिया में बहुत बड़ी कमियां थीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण बात यह भी कही कि केवल ‘मारो साले को’ कहने का मतलब हमेशा हत्या का इरादा नहीं होता, इसका मतलब चोट पहुंचाना भी हो सकता है।

अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, मुकेश कुमार पर किसी हथियार के इस्तेमाल या सीधे तौर पर हिंसा करने का कोई आरोप नहीं था। पुलिस यह साबित नहीं कर पाई कि मुकेश को पता था कि उसके साथियों के पास चाकू हैं या इस हत्या की कोई पहले से प्लानिंग की गई थी। साथ ही, कोर्ट ने माना कि पहचान परेड से पहले गवाहों को आरोपी को दिखाना गलत था, जिससे पहचान की विश्वसनीयता खत्म हो गई।

इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान मुकेश कुमार ने लगभग 10 महीने जेल में बिताए। बचाव पक्ष के वकील हिमांशु आनंद गुप्ता की दलीलों के बाद कोर्ट ने उम्रकैद की सजा रद्द की। वहीं, अतिरिक्त लोक अभियोजक अमन उस्मान की ओर से राज्य का पक्ष रखा गया। अब खबर है कि अभियोजन पक्ष इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकता है।