Delhi: 1984 के सिख दंगों के एक पीड़ित को दिल्ली हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सरकारी नौकरी मिल गई है। 53 साल के पंकज बख्शी ने सरकार की उस योजना के तहत नौकरी मांगी थी जो दंगा पीड़ितों के लिए बनाई गई थी। उन्होंने साल 2021
Delhi: 1984 के सिख दंगों के एक पीड़ित को दिल्ली हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सरकारी नौकरी मिल गई है। 53 साल के पंकज बख्शी ने सरकार की उस योजना के तहत नौकरी मांगी थी जो दंगा पीड़ितों के लिए बनाई गई थी। उन्होंने साल 2021 में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था ताकि उन्हें 2006 के सरकारी आदेश के मुताबिक रोजगार मिल सके।
पंकज बख्शी को नौकरी कैसे मिली?
पंकज बख्शी ने 2021 में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा था कि 2006 के आदेश और 2019 के एक पुराने कोर्ट फैसले के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं दी गई। जस्टिस पुरुषिंद्र कुमार कौरव ने इस मामले की सुनवाई की। जिला मजिस्ट्रेट (सेंट्रल नॉर्थ) ने पंकज बख्शी और एक अन्य पीड़ित का नाम नौकरी के लिए आगे बढ़ाया था, जिस पर कोर्ट ने 4 मई 2026 को आदेश दिया कि 6 हफ्ते के भीतर इस सिफारिश पर कार्रवाई की जाए।
दंगा पीड़ितों के लिए सरकार के नए नियम क्या हैं?
दंगा पीड़ितों की मदद के लिए सरकार ने कुछ बड़े बदलाव किए हैं। जनवरी 2025 में LG वी.के. सक्सेना ने MTS पदों के लिए 88 आवेदकों की शैक्षिक योग्यता में छूट और उम्र सीमा को 55 साल तक बढ़ाने की मंजूरी दी थी। इसके अलावा, नवंबर 2025 में दिल्ली कैबिनेट ने एक नई पॉलिसी मंजूर की। अब 50 साल से ज्यादा उम्र के पीड़ित अपने परिवार के किसी अगले सदस्य को नौकरी के लिए नॉमिनेट कर सकते हैं, ताकि लंबे समय से अटके मामले सुलझ सकें।
इस मामले में मुख्य भूमिका किसकी रही?
पंकज बख्शी की तरफ से वकील गगन गांधी ने पैरवी की। इस पूरे मामले में दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग, डिवीजनल कमिश्नर और जिला मजिस्ट्रेट के ऑफिस की भूमिका रही। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुँचना चाहिए, जिसके बाद पंकज बख्शी को यह सफलता मिली।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पंकज बख्शी ने कोर्ट में याचिका कब दायर की थी?
पंकज बख्शी ने साल 2021 में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने 2006 के सरकारी आदेश के तहत रोजगार की मांग की थी।
दंगा पीड़ितों के लिए उम्र सीमा में क्या छूट दी गई है?
LG वी.के. सक्सेना ने MTS भर्ती के लिए उम्र सीमा को 55 साल तक बढ़ाने और शैक्षिक योग्यता में पूरी छूट देने की मंजूरी दी है।