Delhi: राजधानी दिल्ली में गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। यहाँ करीब 14 साल बाद मई की सबसे गर्म रात दर्ज की गई है, जहाँ न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। मौसम विभाग (IMD) ने लू के खतरे को देखते हुए
Delhi: राजधानी दिल्ली में गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। यहाँ करीब 14 साल बाद मई की सबसे गर्म रात दर्ज की गई है, जहाँ न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। मौसम विभाग (IMD) ने लू के खतरे को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है और आने वाले दिनों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक जाने की आशंका है।
गर्मी से बचाव के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ लागू किया है। स्कूलों में बच्चों के लिए ‘वाटर बेल’ सिस्टम शुरू किया गया है, जिसमें हर 45 से 60 मिनट में पानी पीने के लिए घंटी बजाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर बच्चों को ORS का घोल पिलाकर घर भेजा जाएगा और बाहर खेलने पर रोक रहेगी। मजदूरों के लिए दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक काम न करने की सलाह दी गई है और उनके लिए पानी व टोपी का इंतजाम करने को कहा गया है।
अगले कुछ दिनों का मौसम और सावधानी
IMD के अनुसार अगले तीन दिनों तक दिल्ली में लू की स्थिति बनी रहेगी। 25 मई को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि महसूस होने वाला तापमान 44 डिग्री तक जा सकता है। राहत की बात यह है कि 28 से 30 मई के बीच पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है।
पशु-पक्षियों पर गर्मी का असर
भीषण गर्मी का असर बेजुबानों पर भी दिख रहा है। दिल्ली के अस्पतालों में हर दिन 100 से 120 पक्षी गर्मी से बेहाल होकर पहुँच रहे हैं। कई जगहों से पक्षियों और मछलियों की मौत की खबरें भी आई हैं। सरकार ने सभी विभागों को सार्वजनिक स्थानों पर पानी के एटीएम, कूलर और पशु-पक्षियों के लिए छाया व पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में गर्मी से कब तक राहत मिलने की उम्मीद है
मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 मई के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है।
स्कूलों में बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए क्या इंतजाम हैं
स्कूलों में ‘वाटर बेल’ प्रणाली लागू की गई है ताकि बच्चे हर घंटे पानी पिएं। साथ ही बाहरी शारीरिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है और जरूरत पड़ने पर ORS घोल दिया जाएगा।