Delhi: राजधानी दिल्ली में गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। आने वाले एक-दो दिन और तपिश बढ़ सकती है और बुधवार तक तापमान 46°C तक पहुँचने की संभावना है। हालांकि, गुरुवार से मौसम बदलने वाला है और बारिश के साथ तेज हवाएं
Delhi: राजधानी दिल्ली में गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। आने वाले एक-दो दिन और तपिश बढ़ सकती है और बुधवार तक तापमान 46°C तक पहुँचने की संभावना है। हालांकि, गुरुवार से मौसम बदलने वाला है और बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी जिससे लोगों को इस भीषण गर्मी से छुटकारा मिलेगा।
कब और कितनी होगी बारिश और तापमान में कितनी गिरावट आएगी
IMD के मुताबिक, गुरुवार 28 मई से दिल्ली में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू होगा। यह बदलाव एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण होगा। 28 मई से 30 मई के बीच हल्की बारिश होने की उम्मीद है। अनुमान है कि दो दिनों के बाद तापमान में 5 से 7 डिग्री की गिरावट आएगी और शुक्रवार 29 मई तक अधिकतम तापमान गिरकर 35-37°C तक आ सकता है।
IMD की चेतावनी और सावधानी बरतने के निर्देश
मौसम विभाग ने 26 और 27 मई के लिए हीटवेव को लेकर Yellow Alert जारी किया है। साथ ही, गुरुवार रात और शुक्रवार के लिए हल्की बारिश और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है। IMD ने लोगों को सलाह दी है कि वे दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और सीधे धूप में न जाएं।
तेज हवाओं और तूफान से बचाव के लिए क्या करें
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और तूफान की वजह से पेड़ गिर सकते हैं और बिजली की लाइनों को नुकसान पहुँच सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि तूफान के दौरान वे घरों के अंदर रहें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों या पानी वाले इलाकों से दूर रहें। Skymet Weather के अनुसार, 27 मई की शाम से 28 मई की सुबह तक दिल्ली के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और यूपी के कुछ हिस्सों में भी धूल भरी आंधी और बारिश हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में तापमान कब तक कम होगा?
दिल्ली में तापमान गुरुवार 28 मई से कम होना शुरू होगा और शुक्रवार 29 मई तक अधिकतम तापमान गिरकर 35-37°C तक पहुँच सकता है।
IMD ने किन बातों के लिए चेतावनी जारी की है?
IMD ने भीषण गर्मी (Heatwave) के साथ-साथ तेज हवाओं और तूफान की चेतावनी दी है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली लाइनों में खराबी आने का खतरा है।