Delhi: राजधानी दिल्ली में गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब दिन के साथ-साथ रातें भी बेहद गर्म हो गई हैं, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग ने शहर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कि
Delhi: राजधानी दिल्ली में गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब दिन के साथ-साथ रातें भी बेहद गर्म हो गई हैं, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग ने शहर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका है।
रात के तापमान में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी और मौसम का हाल
दिल्ली में 21 मई 2026 की रात को न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले 14 सालों में मई महीने की सबसे गर्म रात थी। IMD के मुताबिक, दिन का अधिकतम तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। अगले सात दिनों तक तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं आएगी और पारा 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गिरेगा।
लू से बचने के लिए सरकार और विशेषज्ञों की सलाह
आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने लोगों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे शरीर में पानी की कमी न होने दें और हल्के सूती कपड़े पहनें। दोपहर के समय सीधी धूप में निकलने से बचें और सिर को ढककर रखें। मौसमी फलों और इलेक्ट्रोलाइट्स वाले तरल पदार्थों का सेवन करना फायदेमंद रहेगा।
किन्हें बरतनी होगी ज्यादा सावधानी और क्या हैं खतरे
छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बाहर काम करने वाले मजदूरों को इस भीषण गर्मी में विशेष देखभाल की जरूरत है। चक्कर आना, सिरदर्द, मतली और बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह हीटस्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। प्रशासन ने गर्मी से राहत के लिए शहर में अस्थायी ‘कूलिंग ज़ोन’ भी बनाए हैं। साथ ही, बढ़ते तापमान के कारण आग लगने का खतरा बढ़ गया है, इसलिए घरों और गाड़ियों में अग्निशामक यंत्र रखने की सलाह दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में लू की स्थिति कब तक बनी रहेगी?
IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में 26 मई तक और कुछ क्षेत्रों में उसके बाद भी लू और भीषण लू की स्थिति जारी रहने की संभावना है।
हीटस्ट्रोक के मुख्य लक्षण क्या हैं?
भीषण गर्मी में चक्कर आना, तेज सिरदर्द, मतली, शरीर में पानी की कमी (निर्जलीकरण), बेहोशी और मानसिक स्थिति में बदलाव हीटस्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं।