Delhi: राजधानी दिल्ली में बढ़ते तापमान और हीटवेव को देखते हुए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने Heat Wave Action Plan 2026 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य साल 2030 तक गर्मी से हो
Delhi: राजधानी दिल्ली में बढ़ते तापमान और हीटवेव को देखते हुए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने Heat Wave Action Plan 2026 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य साल 2030 तक गर्मी से होने वाली मौतों की संख्या को शून्य तक लाना है। IMD ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और तापमान 43-45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
मजदूरों और स्कूली बच्चों के लिए क्या नियम हैं?
भीषण गर्मी से बचाने के लिए लेबर के लिए दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक आराम करना अनिवार्य कर दिया गया है। काम वाली जगहों पर पानी, छांव, टोपी और गमछा उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूलों में बच्चों के लिए ठंडा पानी और साफ माहौल सुनिश्चित होगा। छुट्टी से पहले बच्चों को ORS पिलाया जाएगा और स्कूलों के समय में बदलाव कर उन्हें दोपहर से पहले घर भेजने की तैयारी है। बच्चों को पानी पीने की याद दिलाने के लिए ‘वॉटर बेल’ सिस्टम भी शुरू किया जा रहा है।
बस शेल्टर्स और अस्पतालों में क्या इंतजाम हुए हैं?
Transport Department बस शेल्टर्स पर पानी के काउंटर लगाएगा और DTC बसों में कोल्ड बॉक्स के जरिए ठंडा पानी दिया जाएगा। बस स्टॉप्स पर मिस्टिंग सिस्टम लगाने की भी योजना है। स्वास्थ्य विभाग ने 13 जिलों के 339 हेल्थ सेंटरों को अलर्ट पर रखा है और 30 अस्पतालों में गर्मी के मरीजों के लिए 5 बेड वाले ‘कूल रूम’ बनाए गए हैं। आपातकालीन स्थिति के लिए 330 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं।
बिजली-पानी की सप्लाई और अन्य सुविधाएं
MCD, PWD और हेल्थ डिपार्टमेंट ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। फायर, पावर और जल विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि बिजली और पानी की सप्लाई बिना किसी रुकावट के चालू रहे। घनी आबादी वाले इलाकों में एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल होगा और छतों पर रिफ्लेक्टिव कोटिंग के लिए ‘Cool Roof Policy 2026’ लागू की जा रही है। मदद के लिए लोग 1077, 1070 या 112 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हीटवेव के दौरान मदद के लिए किन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें?
दिल्ली के निवासी मदद के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 1077, 1070 या 112 पर संपर्क कर सकते हैं।
मजदूरों के लिए काम के समय में क्या बदलाव किया गया है?
गंभीर हीटवेव की स्थिति में मजदूरों के लिए दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक विश्राम अनिवार्य किया गया है।