Delhi के स्कूलों को लू से बचाने के लिए ‘Heat Smart School’ प्रोजेक्ट शुरू, बच्चों के लिए बदलेंगे नियम

Delhi: दिल्ली सरकार ने भीषण गर्मी और लू (Heatwave) से स्कूली बच्चों को बचाने के लिए एक खास पायलट प्रोजेक्ट ‘Heat Smart School’ शुरू किया है। इस पहल में नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और GIZ India की

Delhi: दिल्ली सरकार ने भीषण गर्मी और लू (Heatwave) से स्कूली बच्चों को बचाने के लिए एक खास पायलट प्रोजेक्ट ‘Heat Smart School’ शुरू किया है। इस पहल में नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और GIZ India की मदद ली गई है। हाल ही में 16 जुलाई 2026 को शालीमार बाग के सर्वोदय बाल विद्यालय में इस प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए बड़े अधिकारियों ने दौरा किया।

इस प्रोजेक्ट का मकसद स्कूलों को ऐसा बनाना है जिससे बच्चे चिलचिलाती धूप और गर्मी में भी सुरक्षित रह सकें। स्कूल में कूल रूफ (ठंडी छतें), छायादार कॉरिडोर और बैठने के लिए सुरक्षित जगह बनाई गई है। साथ ही पीने के पानी की व्यवस्था को बेहतर किया गया है और बच्चों को गर्मी से बचाव की जानकारी देने के लिए डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और सेहत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इस मॉडल को जल्द ही पूरे शहर के स्कूलों में लागू किया जाएगा।

शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों के लिए कुछ जरूरी नियम भी जारी किए हैं ताकि बच्चों को लू का असर न हो। अब स्कूलों में आउटडोर फिजिकल एक्टिविटी और सुबह की असेंबली को कम किया जाएगा। बच्चों को समय-समय पर पानी पिलाने के लिए हर 45 से 60 मिनट में ‘वॉटर बेल’ बजाई जाएगी। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों में हीट स्ट्रेस (गर्मी के कारण तनाव) के लक्षणों पर नजर रखें और उन्हें पर्याप्त आराम और पानी दें।

इस पूरे प्रोजेक्ट को जिला प्रशासन (सेंट्रल-नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट), NDMA और GIZ India ने मिलकर तैयार किया है। इसमें जर्मन फेडरल मिनिस्ट्री फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (BMZ) और ADRA India ने भी अहम भूमिका निभाई है। जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि जिला प्रशासन जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए लगातार काम कर रहा है।