Delhi स्वास्थ्य विभाग में 700 करोड़ का घोटाला, पूर्व डायरेक्टर डॉ. वत्सला अग्रवाल समेत कई गिरफ्तार
Delhi: राजधानी दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद को लेकर एक बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। Central Procurement Agency (CPA) में करीब 700 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है, जिसके बाद Anti-Corr
Delhi: राजधानी दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद को लेकर एक बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। Central Procurement Agency (CPA) में करीब 700 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है, जिसके बाद Anti-Corruption Branch (ACB) ने पूर्व DGHS डॉ. वत्सला अग्रवाल और अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सरकारी फाइलों के गायब होने की बात भी सामने आई है।
जांच में पता चला है कि दवाओं और उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर की प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई थी। कुछ खास सप्लायर्स को फायदा पहुँचाने के लिए नियम बदले गए और सामान की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ाकर दिखाई गईं। ACB के मुताबिक, पोर्टेबल X-ray मशीन की कीमत 230% और बेडशीट की कीमत 200% तक बढ़ाकर बिल बनाए गए थे। सबसे ज्यादा गबन ORS के मामले में हुआ, जहाँ कीमतें 500% तक बढ़ा दी गईं।
इस घोटाले में पूर्व DGHS डॉ. वत्सला अग्रवाल के साथ-साथ DCA नीरज चोपड़ा और डॉ. विजय कुमार रंगा को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी ने बताया कि राजीव रंगीला नाम के एक व्यक्ति ने कई फर्जी कंपनियां (Shell Companies) बनाई थीं, जिनके जरिए सरकारी पैसा निकाला गया। इन कंपनियों में F Med Devices और Technocrats जैसे नाम शामिल हैं। फिलहाल 100 से ज्यादा डॉक्टर और अधिकारी इस जांच के दायरे में हैं, जिनमें कुछ IAS अधिकारी और वकील भी शामिल बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर खींचतान शुरू हो गई है। AAP के सौरभ भारद्वाज ने इसे 650 करोड़ का घोटाला बताते हुए खरीद की शक्तियों को अस्पतालों से हटाकर CPA को देने पर सवाल उठाए हैं। वहीं, BJP प्रवक्ता अभय वर्मा और स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह का कहना है कि सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया और दोषियों को गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।