Delhi स्वास्थ्य विभाग में बड़ा घोटाला, पूर्व DGHS वत्सला अग्रवाल और DCA नीरज चोपड़ा गिरफ्तार
Delhi: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुए एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की पूर्व महानिदेशक (DGH
Delhi: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुए एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की पूर्व महानिदेशक (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल और डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स (DCA) नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सरकारी खजाने को पहुंचाए गए भारी नुकसान और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद की गई है।
इस पूरे मामले की शुरुआत निदेशालय सतर्कता की शिकायत के बाद हुई थी, जिसके बाद 2 जून 2026 को एफआईआर दर्ज की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए 23-24 जून को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत जांच के आदेश दिए थे। एसीबी ने 27 जून की रात और 28 जून को इन अधिकारियों को गिरफ्तार किया। बता दें कि डॉ. वत्सला अग्रवाल गिरफ्तारी के समय पहले से निलंबित थीं।
जांच में सामने आया है कि सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के जरिए दवाओं, सर्जिकल सामान, पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों और अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद में भारी गड़बड़ी की गई। आरोप है कि निविदा की शर्तों और तकनीकी बारीकियों में हेरफेर किया गया ताकि कुछ खास सप्लायर्स को फायदा पहुंचाया जा सके। इस वजह से सामान की कीमतें बढ़ गईं और सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ। इस घोटाले की अनुमानित राशि 350 करोड़ रुपये से 650 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है।
इस मामले में कार्रवाई पहले भी शुरू हो चुकी थी, जिसमें 18 जून 2026 को CPA के तत्कालीन हेड ऑफ ऑफिस डॉ. विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल एसीबी मनी ट्रेल की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कुछ IAS अधिकारियों या निजी कंपनियों की भी इसमें मिलीभगत थी। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।