Delhi: प्रधानमंत्री आवास के पास रहने वाले करीब 700 परिवारों के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत की खबर आई है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक अगली सुनवाई 26 मई 2026 को नहीं हो जाती, तब तक किसी भी परिवार को जबरन घर से बाह
Delhi: प्रधानमंत्री आवास के पास रहने वाले करीब 700 परिवारों के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत की खबर आई है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक अगली सुनवाई 26 मई 2026 को नहीं हो जाती, तब तक किसी भी परिवार को जबरन घर से बाहर नहीं निकाला जाएगा। यह मामला भाई राम कैंप, DID कैंप और मस्जिद कैंप के निवासियों से जुड़ा है जिन्हें सवदा घेवरा रिहैबिलिटेशन कॉलोनी में शिफ्ट किया जाना है।
सवदा घेवरा कॉलोनी की सुविधाओं की होगी जांच
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक विशेष कमीशन बनाने का प्रस्ताव रखा है जो सवदा घेवरा रिहैबिलिटेशन कॉलोनी का मुआयना करेगा। कोर्ट यह देखना चाहता है कि वहां रहने के लिए बुनियादी सुविधाएं, पानी, बिजली और स्कूलों का इंतजाम है या नहीं। निवासियों की तरफ से दलील दी गई थी कि यह कॉलोनी शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा और वहां सुविधाओं की भारी कमी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और पुनर्वास पर क्या है सरकार का पक्ष
केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा कि ये झुग्गी बस्तियां सैन्य ठिकानों और एयरफोर्स स्टेशन के पास ‘प्रोटेक्टेड जोन’ में आती हैं। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालातों और राष्ट्रीय सुरक्षा के चलते इन्हें खाली कराना जरूरी है। सरकार ने यह भी साफ किया कि जमीन की कमी के कारण वहीं पर मकान बनाना मुमकिन नहीं है। हालांकि, सरकार ने पुनर्वास के लिए लगने वाले 1.12 लाख रुपये के लाभार्थी योगदान को खुद वहन करने की सहमति दी है।
विस्थापित लोगों को मिलेंगे फ्री ट्रैवल पास
कोर्ट ने मानवीय आधार पर यह निर्देश दिया है कि जो लोग विस्थापित हो रहे हैं, उन्हें आने-जाने के लिए मुफ्त ट्रैवल पास दिए जाएं। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत रहने और रोजी-रोटी का अधिकार जीवन के अधिकार से जुड़ा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास की प्रक्रिया तभी सही मानी जाएगी जब वहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोर्ट ने बेदखली पर कब तक रोक लगाई है?
दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 मई 2026 को आदेश दिया कि जिन निवासियों ने अभी घर खाली नहीं किया है, उनके खिलाफ 26 मई 2026 की अगली सुनवाई तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।
झुग्गी निवासियों को कहां शिफ्ट किया जा रहा है?
भाई राम कैंप, DID कैंप और मस्जिद कैंप के करीब 700 परिवारों को सवदा घेवरा रिहैबिलिटेशन कॉलोनी में शिफ्ट करने की योजना है, जो मुख्य शहर से लगभग 45 किमी दूर है।