Delhi HC ने Al Falah Trust केस में Jawad Ahmed Siddiqui की अंतरिम जमानत याचिका पर सुरक्षित रखा फैसला

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने Al Falah Trust के चेयरमैन Jawad Ahmed Siddiqui की अंतरिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है। अदालत ने अब इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) से

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने Al Falah Trust के चेयरमैन Jawad Ahmed Siddiqui की अंतरिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है। अदालत ने अब इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) से जुड़ा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

Jawad Ahmed Siddiqui ने अपनी पत्नी Usma Akhtar की बीमारी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत मांगी थी। उनकी पत्नी Stage IV ओवेरियन कैंसर से जूझ रही हैं और उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, इससे पहले साकेत जिला अदालत ने उनकी यह अर्जी खारिज कर दी थी। निचली अदालत का कहना था कि पत्नी की हालत स्थिर है और उनकी देखभाल के लिए अन्य विकल्प मौजूद हैं।

इस मामले में ED ने जमानत का कड़ा विरोध किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि अगर सिद्धिकी बाहर आते हैं, तो वे अपराध की कमाई को छिपा सकते हैं या गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ED के मुताबिक, Al-Falah Charitable Trust और यूनिवर्सिटी ने 2018 से 2025 के बीच करीब 415 करोड़ रुपये का राजस्व दिखाया, जो धोखाधड़ी के जरिए कमाया गया था।

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि सिद्धिकी ने ट्रस्ट के पैसों का इस्तेमाल अपने परिवार की कंपनियों और विदेशों में निवेश के लिए किया। इसमें Amla Enterprises LLP, Karkun Construction & Developers और दुबई की Jasma Jewellers LLC जैसी संस्थाओं के नाम सामने आए हैं।

मामले की कानूनी प्रक्रिया के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

तारीख घटनाक्रम
9 जून 2026 साकेत जिला अदालत ने अंतरिम जमानत याचिका खारिज की
17 जून 2026 दिल्ली हाई कोर्ट ने ED से स्टेटस रिपोर्ट मांगी
24 जून 2026 ED ने जमानत का विरोध किया और रिपोर्ट पेश की
8 जुलाई 2026 मामले को जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच को ट्रांसफर किया गया