Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप केस की पीड़िता की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ और सबूत पेश करने की मांग की गई थी। कुलदीप सिंह सेंगर को 2017 में एक नाबालिग से गैंगरेप
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप केस की पीड़िता की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ और सबूत पेश करने की मांग की गई थी। कुलदीप सिंह सेंगर को 2017 में एक नाबालिग से गैंगरेप के मामले में उम्रकैद की सजा मिली थी। कोर्ट ने कहा कि अब इस मामले का फैसला पहले से मौजूद सबूतों के आधार पर ही होगा।
अदालत ने और सबूत देने से क्यों मना किया?
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने पीड़िता की अर्जी पर सुनवाई की। पीड़िता स्कूल के रिकॉर्ड पेश कर अपनी उम्र साबित करना चाहती थी। कोर्ट ने पाया कि स्कूल के प्रिंसिपल पहले ही ट्रायल कोर्ट में गवाही दे चुके हैं और एडमिशन रजिस्टर भी पेश किया जा चुका है। कोर्ट के मुताबिक, अपील के इस स्टेज पर अब और सबूतों की जरूरत नहीं है।
पिता की मौत वाले केस में भी झटका
पीड़िता को एक और बड़ा झटका सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को लगा। कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को उसके पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में मौत की सजा दिलाने की मांग वाली याचिका को भी खारिज कर दिया। इस याचिका को दाखिल करने में 1,945 दिनों की देरी हुई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुदेजा की बेंच ने यह फैसला सुनाया।
केस से जुड़ी मुख्य बातें
| मुख्य विवरण |
जानकारी |
| मुख्य आरोपी |
कुलदीप सिंह सेंगर (पूर्व MLA) |
| कोर्ट का फैसला |
अतिरिक्त सबूत पेश करने की अर्जी खारिज |
| अगली सुनवाई |
25 मई |
| पीड़िता के वकील |
एडवोकेट महमूद प्राचा |
| सेंगर के वकील |
एन हरिहरन और एसपीएम त्रिपाठी |