Finance: दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट में याचिका दायर कर बाचू वेंकट बलराम दास की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। याचिक
Finance: दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट में याचिका दायर कर बाचू वेंकट बलराम दास की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने अपनी वरिष्ठता का दावा करते हुए कहा है कि उनकी जगह किसी और को जिम्मेदारी देना नियमों के खिलाफ है। जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों को चार दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
क्या है नियुक्ति का पूरा विवाद और किसने दी है चुनौती?
यह पूरा मामला NCLT के टेक्निकल मेंबर कौशलेंद्र कुमार सिंह की याचिका से शुरू हुआ है। उन्होंने बाचू वेंकट बलराम दास को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाने के सरकार के फैसले को गलत बताया है। कौशलेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि वे वरिष्ठता के मामले में आगे हैं, फिर भी उन्हें नजरअंदाज किया गया। इससे पहले उन्होंने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से अधिकार क्षेत्र न होने की बात कहकर याचिका खारिज कर दी गई थी। अब दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है।
वरिष्ठता और नियमों को लेकर क्या कहती है रिपोर्ट?
याचिका में कंपनियों के कानून (Companies Act, 2013) की धारा 415 और 407 का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, नियम यह कहते हैं कि सबसे वरिष्ठ सदस्य को ही कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए, चाहे वह न्यायिक सदस्य हो या तकनीकी। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना है कि अगर कानून वरिष्ठ सदस्य की नियुक्ति का प्रावधान करता है, तो याचिकाकर्ता का दावा सही लगता है।
| नाम |
पद ग्रहण की तारीख |
स्थिति |
| कौशलेंद्र कुमार सिंह |
1 अक्टूबर 2021 |
याचिकाकर्ता (टेक्निकल मेंबर) |
| बाचू वेंकट बलराम दास |
18 अक्टूबर 2021 |
वर्तमान कार्यवाहक अध्यक्ष |
NCLT में अध्यक्ष का पद कब से है खाली?
NCLT के नियमित अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) रामलिंगम सुधाकर 13 फरवरी 2026 को रिटायर हुए थे, जिसके बाद से यह पद खाली चल रहा है। शुरुआत में दीप चंद्र जोशी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया था, लेकिन 16 मार्च 2026 को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने बाचू वेंकट बलराम दास को छह महीने के लिए कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। केंद्र सरकार का तर्क रहा है कि परंपरा के अनुसार न्यायिक सदस्य को ही वरिष्ठ माना जाता है, लेकिन हाई कोर्ट ने इस पर असहमति जताई है क्योंकि वैधानिक प्रावधान कुछ और ही संकेत देते हैं।