Delhi: आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक Naresh Balyan की जमानत याचिका को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में नया मोड़ आया है। जस्टिस Swarana Kanta Sharma ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। Naresh Balyan पिछले काफी समय स
Delhi: आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक Naresh Balyan की जमानत याचिका को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में नया मोड़ आया है। जस्टिस Swarana Kanta Sharma ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। Naresh Balyan पिछले काफी समय से जेल में हैं और उनकी जमानत की अर्जी पर अब किसी दूसरे जज की बेंच फैसला सुनाएगी।
Naresh Balyan पर क्या हैं आरोप और अब आगे क्या होगा?
Naresh Balyan पर गैंगस्टर Kapil Sangwan उर्फ Nandu के संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े होने का आरोप है। उनके खिलाफ MCOCA (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज है। 20 अप्रैल 2026 को जस्टिस शर्मा ने बिना कोई कारण बताए खुद को इस केस से अलग कर लिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल 2026 को होगी, जब कोई अन्य जज इस याचिका पर विचार करेंगे।
अब तक के घटनाक्रम और कोर्ट की टिप्पणियां
इस केस में अब तक कई अहम मोड़ आए हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| तारीख |
क्या हुआ |
| 4 दिसंबर 2024 |
Naresh Balyan की गिरफ्तारी हुई और वे न्यायिक हिरासत में गए। |
| 15 जनवरी 2025 |
राउज एवेन्यू कोर्ट की जज Kaveri Baweja ने जमानत याचिका खारिज की। |
| 4 दिसंबर 2025 |
एक केस में जमानत मिली लेकिन MCOCA केस में तुरंत फिर गिरफ्तार हुए। |
| 12 जनवरी 2026 |
हाई कोर्ट ने याचिका को सांसदों और विधायकों के लिए बनी स्पेशल बेंच को भेजा। |
| 13 मार्च 2026 |
जस्टिस शर्मा ने जांच में देरी के लिए दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई। |
| 20 अप्रैल 2026 |
जस्टिस Swarana Kanta Sharma ने खुद को केस से अलग किया। |
MCOCA कानून में जमानत मिलना इतना मुश्किल क्यों है?
MCOCA एक सख्त कानून है जिसमें सामान्य कानूनों के मुकाबले जमानत मिलना कठिन होता है। इसमें पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को जमानत का विरोध करने का पूरा मौका दिया जाता है। कोर्ट तभी जमानत देता है जब उसे पूरा यकीन हो कि आरोपी निर्दोष है और बाहर आकर दोबारा अपराध नहीं करेगा। इस कानून में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) का प्रावधान नहीं है और जांच के लिए समय सीमा भी ज्यादा होती है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि बालियान इस सिंडिकेट के लिए एक मददगार (Facilitator) के तौर पर काम कर रहे थे।