Delhi HC में Instagram कॉपीराइट स्कैम पर PIL, SIT जांच की मांग; जस्टिस तेजस कारिया ने खुद को केस से अलग किया

Delhi: इंस्टाग्राम पर कंटेंट बनाने वालों को निशाना बनाने वाले एक बड़े साइबर वसूली गिरोह के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल

Delhi: इंस्टाग्राम पर कंटेंट बनाने वालों को निशाना बनाने वाले एक बड़े साइबर वसूली गिरोह के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई जाए। यह गिरोह इंस्टाग्राम के कॉपीराइट नियमों का गलत फायदा उठाकर लोगों के अकाउंट बंद करवा देता है और फिर उन्हें वापस चालू करने के बदले लाखों रुपये वसूलता है।

इस मामले की सुनवाई के दौरान 15 जुलाई 2026 को जस्टिस तेजस कारिया ने खुद को इस केस से अलग कर लिया। अब इस याचिका पर सुनवाई 28 जुलाई 2026 को एक अलग बेंच द्वारा की जाएगी। शुरुआत में यह मामला चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच के सामने था।

डिजिटल कंटेंट क्रिएटर नितिन जोशी ने यह याचिका दायर की है। उनके वकीलों का कहना है कि आईटी नियम 2021 के कुछ प्रावधानों की वजह से इंस्टाग्राम बिना किसी नोटिस या सही जांच के अकाउंट बंद कर देता है। आरोप है कि जालसाज बॉट अकाउंट्स के जरिए फर्जी कॉपीराइट शिकायतें भेजते हैं, जिससे इंस्टाग्राम का ऑटोमेटेड सिस्टम अकाउंट को सस्पेंड कर देता है। इसके बाद ये अपराधी अकाउंट वापस दिलाने के नाम पर कंटेंट क्रिएटर्स से मोटी रकम मांगते हैं।

नितिन जोशी ने बताया कि जब उन्होंने इस स्कैम का पर्दाफाश करने के लिए एक वीडियो डाला, तो कई अन्य क्रिएटर्स ने भी उनके साथ ऐसा ही अनुभव साझा किया। इसके कुछ समय बाद उनका अपना वीडियो भी कॉपीराइट शिकायत के कारण दुनिया भर में ब्लॉक कर दिया गया।

इस मामले पर Meta के प्रवक्ता ने कहा कि उनके नियम दूसरों के कंटेंट को अपना बताकर अपलोड करने की इजाजत नहीं देते और गलत इस्तेमाल करने वालों के अकाउंट बंद किए जाते हैं। हालांकि, एक अन्य मामले में Meta और Google ने कोर्ट को बताया था कि वे हर कंटेंट की निगरानी करने वाले सुपर सेंसर नहीं बन सकते।

इस तरह के फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक के मामले पहले भी सामने आए हैं। मई 2026 में लखनऊ के एक पेज के साथ ऐसा हुआ था और रेडिट पर भी कई लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी के रूप में पैसे मांगे जाने की शिकायत की थी। जुलाई 2024 में भी मिडिल ईस्ट के इन्फ्लुएंसर्स को इसी तरह निशाना बनाए जाने की खबरें आई थीं।