Delhi HC ने Vivo मनी लॉन्ड्रिंग केस के दो चीनी नागरिकों की चीन यात्रा रोकी, 20,000 करोड़ के घोटाले का मामला
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने Vivo Mobile से जुड़े 20,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में आरोपी दो चीनी नागरिकों को चीन जाने से रोक दिया है। इससे पहले एक निचली
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने Vivo Mobile से जुड़े 20,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में आरोपी दो चीनी नागरिकों को चीन जाने से रोक दिया है। इससे पहले एक निचली अदालत ने उन्हें यात्रा की अनुमति दे दी थी, जिसे अब हाई कोर्ट ने स्टे कर दिया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि इन आरोपियों के वापस न आने का बड़ा खतरा है। साथ ही, भारत और चीन के बीच अपराधियों को वापस लाने के लिए कोई प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) या समझौता नहीं है, इसलिए उन्हें देश छोड़ने देना जोखिम भरा हो सकता है।
इस पूरे मामले की जांच Enforcement Directorate (ED) कर रही है। ED का आरोप है कि Vivo Mobile ने शेल कंपनियों के जरिए टैक्स चोरी की और भारी रकम भारत से बाहर चीन भेजी। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह रकम 20,000 करोड़ रुपये से लेकर 62,476 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
इस केस से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जांच एजेंसी | Enforcement Directorate (ED) |
| मुख्य कंपनी | Vivo Mobile / Vivo India |
| आरोप | मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी |
| कथित राशि | करीब 20,000 करोड़ रुपये या अधिक |
| कानून | Prevention of Money Laundering Act (PMLA) |
| अदालत | Delhi High Court और Patiala House Court |
ED ने यह भी दावा किया है कि जांच शुरू होने के बाद Vivo India से जुड़े कई चीनी नागरिक पहले ही देश छोड़कर भाग चुके हैं। इस मामले में पहले भी कई बड़े अधिकारियों और सीए को समन भेजा जा चुका है।