Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के वसूली मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने आरोपी दीपक रामननी और प्रदीप रामदानी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। जस्टिस प्रतीक जालन ने यह फैसला सुनाते हु
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के वसूली मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने आरोपी दीपक रामननी और प्रदीप रामदानी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। जस्टिस प्रतीक जालन ने यह फैसला सुनाते हुए आरोपियों की जेल में बिताई गई अवधि और ट्रायल में हो रही देरी को आधार बनाया।
जमानत मिलने की मुख्य वजह क्या रही?
जस्टिस प्रतीक जालन ने पाया कि दीपक और प्रदीप काफी समय से जेल में हैं। कोर्ट ने माना कि उनकी भूमिका और जिस समय से वे हिरासत में हैं, उसे देखते हुए उन्हें जमानत दी जा सकती है। इसके अलावा, दीपक रामननी को BNSS की धारा 479 और ED केस में अन्य सह-आरोपियों को मिली समानता (parity) का लाभ भी दिया गया।
रिहाई के लिए क्या शर्तें रखी गई हैं?
कोर्ट ने दोनों आरोपियों की रिहाई के लिए कुछ सख्त शर्तें तय की हैं। उन्हें 2.5 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही राशि की दो जमानतें पेश करनी होंगी। साथ ही, उन्हें अपने पासपोर्ट सरेंडर करने होंगे और ट्रायल कोर्ट में नियमित रूप से हाजिर होना होगा। वे किसी भी गवाह से संपर्क नहीं कर सकते और बिना अनुमति यात्रा नहीं कर पाएंगे।
किस-किस केस में मिली राहत?
प्रदीप और दीपक को MCOCA (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) केस में जमानत मिली है। इसके साथ ही, दीपक रामननी को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) केस में भी जमानत दे दी गई है। इससे पहले 3 जून 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दीपक और प्रदीप को किन शर्तों पर जमानत मिली है?
उन्हें 2.5 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और दो जमानतें देनी होंगी। साथ ही पासपोर्ट जमा करना और गवाहों से दूर रहना अनिवार्य है।
यह मामला असल में क्या है?
यह सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा 200 करोड़ रुपये का वसूली (extortion) और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है, जिसमें अदिति सिंह शिकायतकर्ता हैं।