Delhi: दक्षिण दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित Lemon Green रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है और 37 लोग घायल हुए हैं। आग इतनी भयानक थी कि लोगों को बचाने पहुं
Delhi: दक्षिण दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित Lemon Green रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है और 37 लोग घायल हुए हैं। आग इतनी भयानक थी कि लोगों को बचाने पहुंचे दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी धुएं की चपेट में आकर घायल हो गए, जिन्हें AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
हादसे में कितना नुकसान हुआ और कौन घायल हुए?
आग लगने की सूचना सुबह 8:50 बजे दिल्ली फायर सर्विस को मिली थी। मैक्स अस्पताल में लाए गए 39 लोगों में से 18 की मौत हो चुकी थी, जबकि एम्स में 3 और लोगों ने दम तोड़ा। घायलों में 5 हेड कांस्टेबल और 5 कांस्टेबल शामिल हैं जो सबसे पहले बचाव कार्य के लिए पहुंचे थे। वर्तमान में 8 लोग वेंटिलेटर पर हैं क्योंकि धुएं के कारण उनके फेफड़ों में गंभीर चोटें आई हैं। मृतकों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
आग लगने का कारण और इमारत की खामियां क्या थीं?
शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिलाष कुमार मलिक के मुताबिक, इमारत में वेंटिलेशन के लिए खिड़कियां नहीं थीं और यह पूरी तरह सील थी। पूरी बिल्डिंग में सिर्फ एक लिफ्ट और एक सीढ़ी थी, जिससे यह एक चिमनी की तरह काम करने लगी और धुआं तेजी से फैला। होटल मालिक लोकेश बजाज के पास इस इमारत का फायर NOC भी नहीं था।
सरकार और प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने भी शोक व्यक्त किया है। MCD स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन सत्या शर्मा ने कहा है कि 6 कमरों की जगह 25 कमरे बनाने की जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हौज रानी आग हादसे में कितने लोग मारे गए हैं?
इस हादसे में अब तक कुल 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा 37 लोग घायल हुए हैं।
बचाव कार्य के दौरान पुलिसकर्मी कैसे घायल हुए?
दिल्ली पुलिस के 10 जवान (5 हेड कांस्टेबल और 5 कांस्टेबल) लोगों को बचाने के लिए धुएं से भरे परिसर में दाखिल हुए थे, जिससे धुआं सांस में जाने के कारण वे घायल हो गए।