Delhi: दिल्ली के लोगों को गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत से जल्द राहत मिल सकती है। हरियाणा से दिल्ली आने वाले पानी की भारी बर्बादी को रोकने के लिए सरकार अब पुरानी नहर की जगह पाइपलाइन बिछाने की तैयारी कर रही है। इस
Delhi: दिल्ली के लोगों को गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत से जल्द राहत मिल सकती है। हरियाणा से दिल्ली आने वाले पानी की भारी बर्बादी को रोकने के लिए सरकार अब पुरानी नहर की जगह पाइपलाइन बिछाने की तैयारी कर रही है। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है ताकि रिसाव के कारण बर्बाद होने वाले पानी को बचाया जा सके और घरों तक ज्यादा पानी पहुंचे।
नहर की जगह पाइपलाइन क्यों बिछाई जा रही है?
दिल्ली में पानी की कमी का एक बड़ा कारण पुरानी दिल्ली सब ब्रांच (DSB) नहर है। इस नहर के जरिए हरियाणा से लगभग 300 क्यूसेक पानी आता है, लेकिन रिसाव की वजह से इसका 40% से 45% हिस्सा रास्ते में ही बर्बाद हो जाता है। इसके उलट कैरियर लाइन चैनल (CLC) नहर में केवल 5% पानी बर्बाद होता है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई है, जिसकी व्यवहार्यता की जांच IIT रुड़की कर रही है।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि पानी के रिसाव को हर हाल में रोका जाए। शहर की 550 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइनों में करीब 40% लीकेज है, जिसे बदलने के लिए दिल्ली को 8 ज़ोन में बांटा गया है। वजीराबाद और चंद्रावल ज़ोन में पाइप बदलने का काम शुरू हो चुका है। साथ ही, मुनक नहर से पानी की चोरी और बर्बादी रोकने के लिए भूमिगत पाइपलाइन पर विचार किया जा रहा है।
पानी की वर्तमान स्थिति और नए इंतजाम
गर्मियों में यमुना का जलस्तर गिरने से वजीराबाद जलाशय में पानी 5.5 से 6.5 फीट नीचे चला गया है। दिल्ली को रोजाना 1250 MGD पानी चाहिए, लेकिन क्षमता केवल 1000 MGD है। इस 250 MGD की कमी को पूरा करने के लिए रोजाना 980 से ज्यादा टैंकर 6000 चक्कर लगा रहे हैं। इसके अलावा, दिल्ली जल बोर्ड ‘डबल पाइपलाइन सिस्टम’ पर भी काम कर रहा है, जिससे पीने और नहाने के लिए अलग और अन्य कामों के लिए उपचारित पानी मिलेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हरियाणा से दिल्ली आने वाले पानी में कितनी बर्बादी होती है?
पुरानी DSB नहर के जरिए आने वाले लगभग 300 क्यूसेक पानी का 40% से 45% हिस्सा रिसाव के कारण बर्बाद हो जाता है।
पानी की कमी को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार क्या नया सिस्टम ला रही है?
दिल्ली जल बोर्ड ‘डबल पाइपलाइन सिस्टम’ लागू करने की तैयारी में है, जिसमें पीने के लिए अलग और कपड़े धोने या शौचालय के लिए उपचारित पानी की अलग लाइन होगी।