Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के Hansraj College में अनुशासन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज प्रशासन ने 20 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 के बीच करीब 30 छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। इन छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने सोश
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के Hansraj College में अनुशासन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज प्रशासन ने 20 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 के बीच करीब 30 छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। इन छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कॉलेज की बदनामी की और स्टाफ के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल किया।
छात्रों को सस्पेंड करने की मुख्य वजह क्या है?
कॉलेज प्रशासन ने पांच अलग-अलग नोटिस जारी कर यह कार्रवाई की है। 23 अप्रैल के नोटिस में कहा गया कि कुछ छात्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर कॉलेज की छवि खराब कर रहे थे, जिससे पढ़ाई का माहौल बिगड़ रहा था। वहीं 20 अप्रैल के नोटिस में एक छात्र पर टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के खिलाफ अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया। यह पूरी कार्रवाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के Ordinance XV (b) और कॉलेज के SOP नियमों के तहत की गई है।
प्रशासन और छात्रों का इस पर क्या कहना है?
Principal Rama Sharma ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि कैंपस में व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह जरूरी था। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा कॉलेज पर झूठे आरोप लगाना और सोशल मीडिया पर बदनामी करना गलत है। दूसरी तरफ, सस्पेंड हुए छात्रों में स्टूडेंट यूनियन के चारों पदाधिकारी और पूर्व अध्यक्ष Parth Srivastava भी शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ उन लोगों को निशाना बना रहा है जो गलत फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं।
विवाद की शुरुआत कब और कैसे हुई?
कैंपस में तनाव पिछले कुछ महीनों से बढ़ रहा था। विवाद तब शुरू हुआ जब प्रिंसिपल के बेटे की शादी के लिए कॉलेज परिसर के इस्तेमाल के आरोप लगे। इसके बाद 8 और 9 अप्रैल 2026 को कॉलेज के सालाना फेस्ट के दौरान भी विरोध प्रदर्शन और हिंसा हुई थी। छात्र अब यह दलील दे रहे हैं कि RTI के जरिए सवाल पूछने या शांतिपूर्ण विरोध करने को हिंसा के बराबर मानकर सजा देना गलत है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Hansraj College ने कितने छात्रों को सस्पेंड किया है?
कॉलेज प्रशासन ने 20 से 25 अप्रैल 2026 के बीच कम से कम 30 छात्रों को सस्पेंड किया है।
सस्पेंशन का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
मुख्य कारण सोशल मीडिया पर कॉलेज की छवि खराब करना, स्टाफ के साथ बदतमीजी और अनुशासन तोड़ना बताया गया है।