Delhi: राजधानी के सबसे रसूखदार जिमखाना और गोल्फ क्लबों की सदस्यता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. यहाँ सरकारी अधिकारियों को बहुत कम फीस और बिना किसी वेटिंग के एंट्री मिल जाती है, जबकि एक आम नागरिक को सदस्यता के लिए ला
Delhi: राजधानी के सबसे रसूखदार जिमखाना और गोल्फ क्लबों की सदस्यता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. यहाँ सरकारी अधिकारियों को बहुत कम फीस और बिना किसी वेटिंग के एंट्री मिल जाती है, जबकि एक आम नागरिक को सदस्यता के लिए लाखों रुपये देने पड़ते हैं और दशकों तक इंतजार करना पड़ता है. अब इस क्लब की जमीन को खाली कराने को लेकर सरकार और क्लब के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है.
सदस्यता के नियमों में भेदभाव और वेटिंग लिस्ट
दिल्ली जिमखाना क्लब में सदस्यता के लिए एक खास ’40-40-20 नियम’ चलता था. इसमें 40% सीटें सिविल सेवकों के लिए, 40% रक्षा सेवाओं के लिए और सिर्फ 20% सीटें आम नागरिकों के लिए रखी जाती थीं. आम लोगों के लिए सदस्यता शुल्क करीब 20 लाख रुपये है और वेटिंग लिस्ट 40 साल तक लंबी है, जबकि गोल्फ क्लब के लिए यह इंतजार 22 साल का है. कई बार यह सदस्यता वसीयत की तरह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को पास कर दी जाती है.
जमीन खाली करने का नोटिस और कोर्ट में सुनवाई
भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) ने दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून 2026 तक अपना 27.3 एकड़ परिसर खाली करने का आदेश दिया है. सरकार ने इसका कारण रक्षा बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना बताया है. इसके अलावा क्लब पर 47.58 करोड़ रुपये का किराया बकाया है. 26 मई 2026 को दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भरोसा दिलाया कि सरकार कानून का पालन करेगी और कोई भी जबरन बेदखली नहीं की जाएगी.
क्लब सदस्यों की प्रतिक्रिया और सरकारी रुख
बेदखली के नोटिस के बाद क्लब के सदस्यों ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है और सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है. वहीं, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अभिजात्य क्लबों में भाई-भतीजावाद चलता है और सार्वजनिक जमीन का निजी इस्तेमाल गलत है. सरकार ने संकेत दिए हैं कि क्लब को वैकल्पिक जमीन की पेशकश की जा सकती है. फिलहाल इस क्लब का संचालन सरकार द्वारा बनाई गई एक समिति कर रही है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली जिमखाना क्लब को जमीन खाली करने का नोटिस क्यों मिला है
L&DO ने सार्वजनिक उद्देश्य, रक्षा बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुरक्षा के नाम पर 5 जून 2026 तक 27.3 एकड़ परिसर खाली करने का निर्देश दिया है.
आम नागरिकों के लिए क्लब की सदस्यता लेना इतना मुश्किल क्यों है
क्लब के 40-40-20 नियम के कारण आम नागरिकों के लिए केवल 20% सीटें हैं, जिसके कारण वेटिंग लिस्ट 40 साल तक पहुँच गई है और शुल्क भी करीब 20 लाख रुपये है.