Delhi: दिल्ली के मशहूर जिमखाना क्लब की लीज रद्द होने के बाद अब मामला गरमा गया है। केंद्रीय शहरी और आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पहली बार इस विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि सरकार अपनी जमीन वापस लेने
Delhi: दिल्ली के मशहूर जिमखाना क्लब की लीज रद्द होने के बाद अब मामला गरमा गया है। केंद्रीय शहरी और आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पहली बार इस विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि सरकार अपनी जमीन वापस लेने की प्रक्रिया को जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर किसी भी समय जमीन खाली कराई जा सकती है।
सरकार ने जमीन वापस लेने का क्या तर्क दिया है?
सरकार का कहना है कि लीज डीड के खंड 4 के तहत भारत के राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वह सार्वजनिक सुरक्षा या रक्षा बुनियादी ढांचे जैसे जरूरी कामों के लिए जमीन वापस ले सकते हैं। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले L&DO ने क्लब को 5 जून 2026 तक परिसर खाली करने का आदेश दिया था। सरकार के मुताबिक यह जमीन जनहित की परियोजनाओं और सरकारी बुनियादी ढांचे के लिए जरूरी है।
कोर्ट में क्या चल रहा है और क्लब का क्या कहना है?
दिल्ली जिमखाना क्लब ने सरकार के इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। क्लब के वकीलों का तर्क है कि लीज का वह नियम ब्रिटिश शासन के समय का है और अब उसकी कोई अहमियत नहीं है। वहीं, केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि कोई जबरन बेदखली नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अगर क्लब स्वेच्छा से जगह खाली नहीं करता है, तो सरकार कानून के मुताबिक कदम उठाएगी। हाई कोर्ट ने फिलहाल बेदखली पर रोक नहीं लगाई है और सरकार से जवाब मांगा है।
अब तक के मुख्य घटनाक्रम क्या रहे हैं?
- 22 मई 2026: L&DO ने क्लब को 5 जून तक खाली करने का नोटिस भेजा।
- 25 मई 2026: क्लब ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
- 26 मई 2026: कोर्ट में सुनवाई हुई, सरकार ने कानूनन कब्जा लेने की बात कही।
- 1 जून 2026: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रक्रिया जारी रखने की पुष्टि की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सरकार दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन क्यों वापस ले रही है?
सरकार का कहना है कि यह जमीन जनहित की परियोजनाओं, शासन के बुनियादी ढांचे और संस्थागत जरूरतों के लिए आवश्यक है, इसलिए लीज डीड के नियमों के तहत इसे वापस लिया जा रहा है।
क्या क्लब को तुरंत खाली करना होगा?
सरकार ने 5 जून 2026 तक खाली करने का आदेश दिया था, लेकिन मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट में है। कोर्ट ने फिलहाल बेदखली पर रोक नहीं लगाई है, लेकिन सरकार ने आश्वासन दिया है कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।