Delhi Gymkhana Club की जमीन पर विवाद, 500 पुराने पेड़ों पर खतरा, High Court में मामला जारी
Delhi : दिल्ली जिमखाना क्लब की 27.3 एकड़ जमीन को लेकर सरकार और क्लब के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। इस विवाद में सबसे बड़ी चिंता करीब 500 पुराने पेड़ों की है, जो शहर की हरियाली के लिए बहुत जरूरी हैं। दिल्ली हाई कोर्ट अब इ
Delhi : दिल्ली जिमखाना क्लब की 27.3 एकड़ जमीन को लेकर सरकार और क्लब के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। इस विवाद में सबसे बड़ी चिंता करीब 500 पुराने पेड़ों की है, जो शहर की हरियाली के लिए बहुत जरूरी हैं। दिल्ली हाई कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई कर रहा है और यह तय करेगा कि विकास और पर्यावरण के बीच क्या रास्ता निकलेगा।
मामले की शुरुआत मई 2026 में हुई जब Land and Development Office (L&DO) ने क्लब को नोटिस भेजकर 5 जून तक जमीन खाली करने को कहा। सरकार ने इसका कारण डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और पब्लिक सिक्योरिटी बताया। इसके लिए 1928 के लीज एग्रीमेंट के क्लॉज 4 का इस्तेमाल किया गया, जो सरकार को पब्लिक पर्पस के लिए जमीन वापस लेने का हक देता है।
इस नोटिस के खिलाफ क्लब के सदस्यों और कर्मचारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार ने जमीन वापस लेने की कोई ठोस वजह नहीं बताई और न ही कोई मुआवजा दिया है। क्लब के करीब 14,000 सदस्य और 600 कर्मचारी इस फैसले से चिंतित हैं क्योंकि उनकी नौकरी और क्लब का भविष्य दांव पर है।
पर्यावरण के नजरिए से यह मामला और गंभीर हो जाता है। एक नए सर्वे में पाया गया कि क्लब परिसर में 51 अलग-अलग प्रजातियों के 486 पुराने पेड़ हैं। जून 2026 में जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने सख्त लहजे में कहा था कि अगर शहर के ऐसे पुराने ग्रीन स्पेस कंक्रीट के जंगल में बदल गए, तो दिल्ली का दम घुटने लगेगा।
कोर्ट की कार्यवाही के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की बेदखली कानून के मुताबिक होगी और जून 2026 तक कोई जबरदस्ती कब्जा नहीं किया जाएगा। फिलहाल, हाई कोर्ट सरकार से जवाब मांग चुका है और मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होनी है। इस पूरे विवाद के बीच यह बात भी सामने आई है कि क्लब पर करीब 47.58 करोड़ रुपये का ग्राउंड रेंट बकाया है।