Delhi जिमखाना क्लब विवाद: बेदखली नोटिस के खिलाफ हाई कोर्ट में नई याचिकाएं दायर
Delhi: दिल्ली के मशहूर जिमखाना क्लब को खाली कराने के नोटिस पर कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। केंद्र सरकार के बेदखली नोटिस के खिलाफ अब दिल्ली हाई कोर्ट में दो नई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। ये याचिकाएं क्लब के सदस्य विजय खुराना
Delhi: दिल्ली के मशहूर जिमखाना क्लब को खाली कराने के नोटिस पर कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। केंद्र सरकार के बेदखली नोटिस के खिलाफ अब दिल्ली हाई कोर्ट में दो नई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। ये याचिकाएं क्लब के सदस्य विजय खुराना और क्लब कर्मचारी कल्याण संघ की तरफ से पेश की गई हैं, जो पहले से चल रहे मुकदमों का हिस्सा हैं।
मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 को होगी, जहां न्यायमूर्ति अवनीश झींगन की पीठ इन नई याचिकाओं पर पहले से लंबित मामलों के साथ विचार करेगी। दरअसल, भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने 29 जून 2026 को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में क्लब और उससे जुड़े पक्षों को 7 जुलाई 2026 तक अपना जवाब देने और उसी दिन दोपहर 2:30 बजे व्यक्तिगत सुनवाई के लिए हाजिर होने को कहा गया है।
केंद्र सरकार का तर्क है कि यह 27.3 एकड़ जमीन रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जरूरी है। क्लब की लोकेशन प्रधानमंत्री आवास और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा स्थलों के पास है, इसलिए इसे जनहित में वापस लिया जा रहा है। सरकार ने इस कार्रवाई के लिए 1928 की लीज डीड के क्लॉज 4 और सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 का हवाला दिया है।
इस विवाद की जड़ें पुरानी हैं। 2022 में लीज शर्तों के उल्लंघन और कुप्रबंधन के आरोपों के बाद NCLT ने क्लब के कामकाज के लिए सरकार द्वारा नामित 15 सदस्यों की नियुक्ति का आदेश दिया था। हालांकि, केंद्र सरकार ने 26 मई 2026 को कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि 5 जून तक कोई जबरन कब्जा नहीं किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया कानून के मुताबिक ही पूरी होगी। वर्तमान में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे हैं और संपदा अधिकारी बिपिन कुमार सिंह L&DO की ओर से जुड़े हुए हैं।