Delhi Gymkhana Club को खाली कराने पर केंद्र सख्त, हाई कोर्ट से कहा- बेदखली रोकने का अधिकार नहीं है अदालत के पास

Delhi: सफदरजंग रोड पर स्थित दिल्ली जिमखाना क्लब की 27.3 एकड़ जमीन को लेकर केंद्र सरकार और क्लब के बीच कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में साफ तौर पर कहा है कि सार्वजनिक परिसरों से बेदखली की का

Delhi: सफदरजंग रोड पर स्थित दिल्ली जिमखाना क्लब की 27.3 एकड़ जमीन को लेकर केंद्र सरकार और क्लब के बीच कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में साफ तौर पर कहा है कि सार्वजनिक परिसरों से बेदखली की कानूनी प्रक्रिया पर रोक लगाने का अधिकार अदालत के पास नहीं है। कोर्ट में यह जवाब जस्टिस अवनीश झिंगन की अदालत में दाखिल किया गया है।

केंद्र सरकार का कहना है कि क्लब की स्थायी लीज वैध तरीके से खत्म हो चुकी है। इसके बाद एस्टेट ऑफिसर द्वारा जारी किया गया कारण बताओ नोटिस पूरी तरह कानूनी है। सरकार ने पब्लिक प्रिसिजेस (इविक्शन ऑफ अनऑथराइज्ड ऑक्यूपेंट्स) एक्ट, 1971 का हवाला देते हुए बताया कि इस कानून के तहत सिविल कोर्ट को बेदखली की कार्यवाही में दखल देने या स्टे देने का अधिकार नहीं है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत मई 2026 में हुई जब केंद्र ने क्लब की लीज खत्म कर उसे 5 जून तक जगह खाली करने का निर्देश दिया था। सरकार का तर्क है कि डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सार्वजनिक सुरक्षा के कामों के लिए इस जमीन की जरूरत है। वहीं क्लब के सदस्य विजय खुराना और स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन ने इस कार्रवाई को चुनौती दी है। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी विजय खुराना का पक्ष रख रहे हैं।

मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को होगी। तब तक के लिए कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि पहले दी गई अंतरिम राहत और आश्वासन अगली सुनवाई तक जारी रहेंगे। लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने कहा है कि कब्जा मिलने के बाद वह लीज डीड के तहत मुआवजे का भुगतान करने के लिए तैयार है।