Delhi और Gurugram के बीच रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार इस रूट को पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाने की तैयारी कर रही है। इस योजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से गुरुग्राम पहुंचने में लगने वाला स
Delhi और Gurugram के बीच रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार इस रूट को पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाने की तैयारी कर रही है। इस योजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से गुरुग्राम पहुंचने में लगने वाला समय एक घंटे से घटकर सिर्फ 15 मिनट रह जाएगा। इससे एनसीआर के लाखों लोगों को भारी जाम से छुटकारा मिलेगा।
सफर को आसान बनाने के लिए क्या हैं मुख्य योजनाएं
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और NHAI कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। इनमें सबसे अहम एक भूमिगत सुरंग (Tunnel) का निर्माण है जो तालकटोरा स्टेडियम से गुरुग्राम तक जाएगी। यह टनल करीब 28-30 किलोमीटर लंबी होगी और इस पर 1 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा महरौली से गुरुग्राम और आश्रम से बदरपुर जैसे रूट को भी सिग्नल-फ्री किया जाएगा।
इन रास्तों पर होगा काम और कितना समय बचेगा
| रूट/प्रोजेक्ट |
बदलाव और खासियत |
समय में कमी |
| तालकटोरा से गुरुग्राम |
भूमिगत टनल का निर्माण |
1.5 घंटे से घटकर 15 मिनट |
| महरौली से गुरुग्राम |
सिग्नल-फ्री कॉरिडोर |
1.5 घंटे से घटकर 15 मिनट |
| पंजाबी बाग से टीकरी बॉर्डर |
नया कॉरिडोर (DPR तैयार) |
90 मिनट से घटकर 30 मिनट |
| आश्रम से बदरपुर |
3 नए फ्लाईओवर का निर्माण |
सिग्नल-फ्री मार्ग |
| शिव मूर्ति से नेल्सन मंडेला मार्ग |
5.5 किमी लंबी टनल |
जाम से राहत |
Gurugram में जाम खत्म करने के लिए क्या होगा इंतजाम
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने शहर के 17 बड़े चौराहों को जाम मुक्त करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये का मास्टरप्लान बनाया है, जिसका काम मई 2026 से शुरू हो सकता है। वहीं, वाटिका चौक से NH-48 तक 4.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसके टेंडर 22 अप्रैल 2026 को खुलेंगे। द्वारका एक्सप्रेसवे पर ग्लोबल सिटी को जोड़ने के लिए 923 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा इंटरचेंज भी बनाया जा रहा है।