Delhi और Gujarat में NCB ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त किया है। इस ऑपरेशन का नाम ‘Operation Ragepill’ रखा गया था। जांच एजेंसियों ने कुल 227.7 किलोग्राम Captagon ड्रग्स जब्त की है। इस मामले म
Delhi और Gujarat में NCB ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त किया है। इस ऑपरेशन का नाम ‘Operation Ragepill’ रखा गया था। जांच एजेंसियों ने कुल 227.7 किलोग्राम Captagon ड्रग्स जब्त की है। इस मामले में Syria के नागरिक Alabras Ahmad को गिरफ्तार किया गया है।
ड्रग्स की बरामदगी कहां और कैसे हुई
NCB ने सबसे पहले 11 मई 2026 को Delhi के Neb Sarai इलाके में एक घर की तलाशी ली, जहां टैबलेट्स मिलीं। इसके बाद 14 मई 2026 को Gujarat के Mundra पोर्ट पर एक कंटेनर से Captagon पाउडर बरामद हुआ। दिल्ली वाली खेप को एक कमर्शियल ‘चपाती’ काटने वाली मशीन में छिपाकर Jeddah, Saudi Arabia भेजा जाना था। वहीं Mundra पोर्ट पर मिले कंटेनर को भेड़ की ऊन (sheep wool) बताकर Syria से मंगवाया गया था, जिसे गल्फ देशों में भेजना था।
क्या है Captagon और क्यों है यह खतरनाक
Captagon एक खतरनाक साइकोट्रोपिक पदार्थ है जिसमें Fenethylline और Amphetamine होता है। इसे ‘जिहादी ड्रग’ कहा जाता है क्योंकि ISIS जैसे militant ग्रुप इसका इस्तेमाल डर खत्म करने और लड़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए करते हैं। भारत के NDPS एक्ट के तहत यह प्रतिबंधित है और 1980 के दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस पर बैन लगाया गया था।
सरकार का एक्शन और जांच की स्थिति
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने NCB के इस काम की तारीफ की और कहा कि सरकार ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत को ड्रग-मुक्त बनाने के लिए हर ग्राम ड्रग्स की तस्करी रोकी जाएगी। फिलहाल एजेंसियां गिरफ्तार किए गए Syrian नागरिक के आतंकी कनेक्शन और हवाला के जरिए पैसों के लेनदेन की जांच कर रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Captagon ड्रग्स को ‘जिहादी ड्रग’ क्यों कहते हैं
इसे जिहादी ड्रग इसलिए कहा जाता है क्योंकि ISIS जैसे आतंकी संगठन इसका इस्तेमाल अपने लड़ाकों की हिम्मत बढ़ाने और डर को कम करने के लिए करते हैं।
गिरफ्तार किए गए Syrian नागरिक के बारे में क्या जानकारी मिली है
गिरफ्तार व्यक्ति का नाम Alabras Ahmad है। वह 15 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन उसका वीजा 12 जनवरी 2025 को ही खत्म हो गया था।