Delhi के गेस्ट टीचर्स को बड़ी राहत, अब जनगणना ड्यूटी को माना जाएगा ‘ऑन ड्यूटी’, सैलरी नहीं कटेगी

Delhi: दिल्ली सरकार ने जनगणना कार्य में लगे गेस्ट टीचर्स के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब जनगणना ड्यूटी के दौरान बिताए गए समय को उनकी आधिकारिक सेवा अवधि यानी ‘ऑन ड्यूटी’ माना जाएगा। शिक्षा मंत्री

Delhi: दिल्ली सरकार ने जनगणना कार्य में लगे गेस्ट टीचर्स के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब जनगणना ड्यूटी के दौरान बिताए गए समय को उनकी आधिकारिक सेवा अवधि यानी ‘ऑन ड्यूटी’ माना जाएगा। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 18 जून 2026 को इस नियम को मंजूरी दे दी है, जिससे अब शिक्षकों को वेतन या अनुभव का कोई नुकसान नहीं होगा।

इस नए नियम के बाद गेस्ट टीचर्स की जनगणना ड्यूटी को एक नियमित कार्य दिवस की तरह गिना जाएगा। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस फैसले पर कहा कि गेस्ट टीचर्स केवल शिक्षक नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनका बड़ा योगदान है। उन्होंने साफ किया कि जब सरकार उन्हें जनगणना जैसे जरूरी राष्ट्रीय काम सौंपती है, तो उन्हें देश की सेवा करने के बदले नुकसान नहीं होना चाहिए। इस कदम से अब उनकी सार्वजनिक सेवा को उचित मान्यता और सम्मान मिलेगा।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अप्रैल 2026 में पुरानी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट ने जनगणना ड्यूटी से मना करने वाले 142 गेस्ट टीचर्स की सेवा खत्म करने की सिफारिश की थी। इस मामले में गवर्नमेंट टीचर्स एसोसिएशन ने मंत्री आशीष सूद से मुलाकात कर कार्रवाई वापस लेने की मांग की थी। एसोसिएशन ने कम वेतन और काम के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों का हवाला दिया था।

अब जनगणना ड्यूटी को चुनाव कार्य, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और COVID-19 राहत कार्यों के समान दर्जा दिया गया है, जिन्हें पहले से ही आधिकारिक ड्यूटी माना जाता है। दिल्ली में जनगणना 2027 का मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) का काम चल रहा है। इसके तहत 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना और 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणकों ने घर-घर जाकर सर्वे किया था।