Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में हो रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी लागू कर दी है। प्रशासन ने जून महीने में बड़ी कार्रवाई करते हुए 94 अवैध ढांचों को गिराया और 114 इमारतों को सील किया। सरकार ने
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में हो रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी लागू कर दी है। प्रशासन ने जून महीने में बड़ी कार्रवाई करते हुए 94 अवैध ढांचों को गिराया और 114 इमारतों को सील किया। सरकार ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और बिल्डरों व अधिकारियों के बीच किसी भी तरह की मिलीभगत मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अवैध निर्माण रोकने के लिए क्या है सरकार का प्लान?
Delhi Lieutenant Governor (L-G) Taranjit Singh Sandhu ने MCD अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अवैध निर्माणों को पहचानने, रोकने और गिराने के लिए एक ठोस योजना बनाएं। उन्होंने एक ऐसा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने को कहा है जिससे बिल्डिंग बायलॉज का सख्ती से पालन हो सके। अब स्थानीय इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और नगर निगम के अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की गई है। अगर उनके इलाके में कोई अवैध निर्माण पाया गया, तो उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा।
हाल ही में क्या-क्या कार्रवाई हुई है?
जून के पहले हफ्ते में MCD ने हाई-इंटेंसिटी अभियान चलाया है। 4 जून को L-G ने समीक्षा बैठक में समय सीमा के भीतर अवैध निर्माणों को सील करने या ढहाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने 72 अवैध B&B, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट की जांच की, जिनमें कई जगहों पर नोटिस दिए गए और सीलिंग की कार्रवाई की गई।
बॉर्डर इलाकों के लिए क्या निर्देश हैं?
अवैध निर्माण के खिलाफ यह सख्ती सिर्फ शहर के अंदर ही नहीं बल्कि सीमाओं पर भी है। Union Home Minister Amit Shah ने आदेश दिया है कि भारत की सीमाओं से 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी सभी संरचनाओं को तुरंत ढहा दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने वाले मुख्य अधिकारी कौन हैं?
इस अभियान का नेतृत्व Delhi L-G Taranjit Singh Sandhu और Municipal Corporation of Delhi (MCD) कर रहे हैं, जबकि सीमावर्ती इलाकों में Union Home Minister के निर्देश लागू हैं।
अवैध निर्माण पाए जाने पर अधिकारियों पर क्या असर होगा?
स्थानीय इंजीनियरों और नगर निगम के निगरानी अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की गई है। यदि उनके अधिकार क्षेत्र में कोई अवैध निर्माण या बदलाव पाया जाता है, तो उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।