Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया में कुछ जरूरी बदलाव किए हैं। यह कदम उन ठेकेदारों को राहत देने के लिए उठाया गया है जो बिटुमेन (डामर) की बढ़ती कीमतों से परेशान थे। सरकार का मकसद यह है
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया में कुछ जरूरी बदलाव किए हैं। यह कदम उन ठेकेदारों को राहत देने के लिए उठाया गया है जो बिटुमेन (डामर) की बढ़ती कीमतों से परेशान थे। सरकार का मकसद यह है कि पैसों की कमी या महंगाई की वजह से सड़क का काम न रुके और आम जनता को खराब सड़कों की वजह से परेशानी न झेलनी पड़े।
टेंडर प्रक्रिया में क्या बदलाव हुए हैं और क्यों
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से बिटुमेन की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव आया है। इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने Clause 10CC को लागू किया है। यह नियम ठेकेदारों को कच्चे माल की कीमतों में होने वाले बदलाव के हिसाब से पैसों का समायोजन (Price Adjustment) करने की सुविधा देता है। इसी तरह के नियमों का इस्तेमाल NHAI और CPWD जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी करती हैं।
सड़कों के काम की डेडलाइन और टारगेट क्या है
PWD के पास दिल्ली की लगभग 1,400 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़कें, फ्लाईओवर और अंडरपास हैं। वर्तमान प्रोजेक्ट्स की स्थिति इस प्रकार है:
| विवरण |
जानकारी |
| मूल डेडलाइन |
मार्च 2026 |
| नई विस्तारित डेडलाइन |
31 जुलाई 2026 |
| अब तक पूरा हुआ काम |
150 किलोमीटर |
| साल के अंत तक लक्ष्य |
600 किलोमीटर |
| कुल बजट (फरवरी 2026 योजना) |
802.2 करोड़ रुपये |
अधिकारियों ने इस बारे में क्या कहा
PWD मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बताया कि सरकार नहीं चाहती कि महंगाई का असर आम जनता पर पड़े और सड़क के काम अधूरे छूट जाएं। वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मानसून आने से पहले सभी सड़क और ड्रेनेज के काम पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने साफ किया है कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।