Delhi: दिल्ली सरकार शहर को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए दो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI-CoE) बनाने जा रही है। आईटी मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इससे शहर में इनोवेशन और नए बिजनेस को बढ़ावा मिलेग
Delhi: दिल्ली सरकार शहर को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए दो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI-CoE) बनाने जा रही है। आईटी मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इससे शहर में इनोवेशन और नए बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक के जरिए आम नागरिकों के जीवन को और बेहतर बनाया जाए।
इन सेंटर्स से दिल्ली के युवाओं को क्या फायदा होगा?
इन सेंटर्स के बनने से दिल्ली के युवाओं और स्टार्टअप्स को बड़ा मौका मिलेगा। सरकार ने अगले चार सालों के लिए कुछ खास लक्ष्य रखे हैं:
- लगभग 100 नए स्टार्टअप्स को मदद मिलेगी।
- 7,000 से ज्यादा लोगों को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी।
- 1,000 से अधिक नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
ये सेंटर्स मुख्य रूप से गवर्नेंस, हेल्थकेयर, एजुकेशन और शहरी यातायात जैसे क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल पर काम करेंगे।
फंडिंग और लोकेशन की क्या योजना है?
दिल्ली सरकार ने बजट 2026-27 में इन सेंटर्स के लिए 8.20 करोड़ रुपये रखे हैं। कुल मिलाकर हर सेंटर के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिसे MeitY, दिल्ली सरकार और इंडस्ट्री पार्टनर्स मिलकर देंगे।
| विवरण |
जानकारी |
| प्रस्तावित लोकेशन |
NSUT और GGSIPU यूनिवर्सिटी |
| फंडिंग मॉडल |
40:40:20 (MeitY : दिल्ली सरकार : पार्टनर) |
| मुख्य उद्देश्य |
रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन |
| बजट आवंटन |
₹8.20 करोड़ (बजट 2026-27) |
यह पूरी योजना केंद्र सरकार के IndiaAI मिशन के साथ मिलकर चलाई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी।