Delhi के ITO में बनेंगे दो आलीशान टावर, एक ही छत के नीचे आएंगे सभी सरकारी दफ्तर

Delhi: दिल्ली सरकार अब राजधानी के ITO इलाके में एक बड़ा प्रशासनिक केंद्र बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दो ऊंचे टावर बनाए जाएंगे, ताकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में बिखरे हुए सरकारी विभागों को एक जगह लाया जा सके। पब्लि

Delhi: दिल्ली सरकार अब राजधानी के ITO इलाके में एक बड़ा प्रशासनिक केंद्र बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दो ऊंचे टावर बनाए जाएंगे, ताकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में बिखरे हुए सरकारी विभागों को एक जगह लाया जा सके। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) इस प्रोजेक्ट के लिए अगस्त 2026 में ग्लोबल टेंडर जारी करेगा, जिससे दुनिया की बड़ी कंपनियां इसमें हिस्सा ले सकेंगी।

इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 17.5 एकड़ जमीन का इस्तेमाल होगा। इसमें PWD हेडक्वार्टर, विकास भवन, GST ऑफिस और इनकम टैक्स विभाग की 4.5 एकड़ जमीन शामिल है। इनकम टैक्स विभाग ने दिसंबर 2025 में इस पुनर्विकास के लिए अपनी सहमति दे दी थी। शर्त यह है कि नए कॉम्प्लेक्स में इनकम टैक्स विभाग को उसकी जरूरत के हिसाब से लगभग 10 लाख स्क्वायर फीट का ऑफिस स्पेस दिया जाएगा।

PWD मंत्री परवेश वर्मा ने बताया कि ग्लोबल टेंडर इसलिए निकाला जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ मिल सके। इस नए सचिवालय में मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ नौकरशाहों के दफ्तर होंगे। इससे विभागों के बीच तालमेल बेहतर होगा और अधिकारियों के आने-जाने के समय में कमी आएगी।

विवरण जानकारी
अनुमानित लागत 2,000 करोड़ से 2,044 करोड़ रुपये
कुल जमीन 17.5 एकड़
टॉवर की ऊंचाई 30 से 35 मंजिल
कुल निर्मित क्षेत्र करीब 30 लाख स्क्वायर फीट
खासियत स्काई ब्रिज या अंडरपास से जुड़े दो टावर
समय सीमा मंजूरी के बाद 48 महीने में पूरा होगा

यह नया कॉम्प्लेक्स आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी, ऊर्जा बचाने वाला आर्किटेक्चर, फायर सेफ्टी सिस्टम और मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा होगी। टेंडर में पार्किंग के लिए 30,000 वर्ग मीटर और लैंडस्केपिंग के लिए 15,000 वर्ग मीटर जगह का जिक्र होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस प्रोजेक्ट के लिए ITO को सबसे सही जगह बताया है।