Delhi सरकार ने साइबर सुरक्षा के लिए कसी कमर, सरकारी डेटा बचाने के लिए जारी किए नए नियम
Delhi: दिल्ली सरकार ने अपने डिजिटल सिस्टम और सरकारी डेटा को सुरक्षित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने अब सभी विभागों के लिए साइबर सुरक्षा के कड़े नियम लागू कर दिए हैं ताकि किसी भी तरह के साइबर हमले से बचा जा सके।
Delhi: दिल्ली सरकार ने अपने डिजिटल सिस्टम और सरकारी डेटा को सुरक्षित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने अब सभी विभागों के लिए साइबर सुरक्षा के कड़े नियम लागू कर दिए हैं ताकि किसी भी तरह के साइबर हमले से बचा जा सके। इसके लिए हाल ही में दिल्ली सचिवालय में एक खास वर्कशॉप भी आयोजित की गई।
आईटी मंत्री Pankaj Kumar Singh ने इस वर्कशॉप का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सरकारी डेटा और नागरिकों की सेवाओं की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। यह पूरी पहल मुख्यमंत्री Rekha Gupta के विजन के तहत की जा रही है, ताकि राजधानी को डिजिटल रूप से सशक्त और पारदर्शी बनाया जा सके।
सरकार ने 8 अप्रैल 2026 को सभी विभागों के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी की थीं। इसके बाद 25 जून 2026 को National e-Governance Division (NeGD) और MeitY के साथ मिलकर एक सलाहकारी वर्कशॉप की गई। इन नियमों का मकसद सरकारी सिस्टम की कमजोरियों को पहचानना और उन्हें समय रहते ठीक करना है।
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सरकार ने कई सख्त निर्देश दिए हैं:
| सुरक्षा उपाय | विवरण |
|---|---|
| एक्सेस कंट्रोल | सिर्फ जरूरी लोगों को ही डेटा एक्सेस मिलेगा और Multi-factor Authentication (MFA) अनिवार्य होगा। |
| सिस्टम अपडेट | सभी सॉफ्टवेयर और डिवाइस को अपडेट रखना होगा और अनचाहे पोर्ट्स को बंद करना होगा। |
| इन्वेंटरी मैनेजमेंट | सभी अधिकृत हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की पूरी लिस्ट रखनी होगी। |
| रिस्क असेसमेंट | नियमित रूप से सिस्टम की जांच और पेनिट्रेशन टेस्टिंग की जाएगी। |
| रिपोर्टिंग | किसी भी साइबर घटना की तुरंत जानकारी 1930 या CERT-In और NIC-CERT को देनी होगी। |
| अधिकारी की नियुक्ति | हर विभाग में एक Assistant Chief Information Security Officer (ACISO) नियुक्त करना होगा। |
| वेबसाइट ऑडिट | सभी विभागीय वेबसाइट और एप्लिकेशन के पास वैध सुरक्षा ऑडिट सर्टिफिकेट होना जरूरी है। |
कर्मचारियों के लिए भी खास हिदायतें जारी की गई हैं। उन्हें सलाह दी गई है कि वे केवल NIC ईमेल का ही इस्तेमाल करें और किसी भी अनजान लिंक या अटैचमेंट को न खोलें। साथ ही, पाइरेटेड सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
वहीं, National Cyber Security Coordinator Navin Kumar Singh ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे डिजिटल विस्तार बढ़ रहा है, खतरे भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब साइबर हमलों से लड़ने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल करना जरूरी हो गया है और सरकार व इंडस्ट्री को मिलकर काम करना होगा।